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Noida News: उफान पर यमुना, खेतों की ओर बढ़ रहा पानी

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- किसानों को सताने लगी है धान की फसल खराब होने के चिंता
-जलस्तर खतरे की निशान से नीचे, निरंतर बढ़ोत्तरी से बेचैनी
संवाद न्यूज एजेंसी
रबूपुरा/दनकौर। यमुना सिटी के रबूपुरा, जेवर और दनकौर क्षेत्रों से सटे गांवों के किनारे यमुना का जलस्तर बढ़ने से किसानों को चिंता सताने लगी है। जलस्तर खादर के खेतों की ओर रुख करने लगा है। इससे किसानों को धान व अन्य फसलों के खराब होने का भय सता रहा है।
यमुना से सटे रबूपुरा के गांव फलैदा खादर, करौली बांगर, मेहंदीपुर और सिरौली बांगर समेत दनकौर के मकनपुर खादर और बांगर गांव के पास यमुना का जल स्तर क्षेत्र में पानी खेतों की ओर बढ़ने लगा है। यमुना किनारे वाले जेवर के भी गांवों में भी यही हाल है। जलस्तर बढ़ने से खादर क्षेत्र में जंगल में फसलों में भी पानी पहुंचने लगा है। ऐसे में फलैदा खादर, करौली बांगर, अमरपुर पलाका, सिरौली बांगर, मेहंदीपुर और बेगमाबाद आदि गांवों में किसानों के सामने चारे का संकट भी गहराने लगा है। हालांकि, अभी यमुना खतरे के निशान से ऊपर नहीं बह रही है, लेकिन हरियाणा के हथिनीकुंड बैराज से अधिक पानी छोड़े जाने की दशा में इन स्थानों पर फसलें खराब होने की आशंका है।
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अभी हाल ही में हथिनीकुंड बैराज से ढाई लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। इसके चलते यमुना के जलस्तर में बढ़ोतरी हुई है। रबूपुरा के भूरा सिंह, सत्येंद्र सिंह, राजेश सिंह, डालचंद शर्मा, विजयवीर सिंह आदि किसानों का कहना है कि अभी धान की बुवाई की गई है। यमुना का जलस्तर खत्री की निशान के करीब पहुंच गया है और यदि यमुना का जलस्तर और बढ़ा तो फसलों को नुकसान पहुंचेगा। बाढ़ से मिट्टी की ऊपरी परत भी बह जाती है। बाढ़ के साथ बालू और गंदगी आने पर धान की फसल को बचाया नहीं जा सकेगा।
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