दनकौर में एनडीआरएफ की टीमों ने 28 लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया, लतीफपुर गांव में स्कूल में घुसा पानी
माई सिटी रिपोर्टर
यमुना सिटी। दनकौर, रबूपुरा और जेवर के क्षेत्रों में बृहस्पतिवार भोर से यमुना ने अपना रौद्र रूप दिखाया। मेंहदीपुर-चंडीगढ़ गांव में यमुना नदी की तेज धारा ने कटान कर गांव की ओर रुख कर लिया। इस दौरान गांव को जाने वाले रास्ते की पुलिया तक पानी आने पर जिला प्रशासन ने पुलिस और एनडीआरएफ की टीमें तैनात कर दीं और पुलिया के रास्ते को बंद कर दिया गया। दूसरी ओर, दनकौर के लतीफपुर के जूनियर हाईस्कूल में पानी घुस गया। दनकौर से एनडीआरएफ की टीमों ने 28 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा। हालांकि, प्रशासन के अधिकारी मौके पर नजर रखे हुए है। बाढ़ को लेकर अमर उजाला से संदीप वर्मा, दीपक सिंघल, दीपक शर्मा और पीयूष गौतम की एक रिपोर्ट।
एक सितंबर को हरियाणा, यमुनानगर स्थित हथिनीकुंड बैराज से सात घंटे छोड़े गए तीन लाख 27 हजार क्यूसेक पानी का बहाव लगभग 72 घंटे में गौतमबुद्ध नगर के दनकौर, रबूपुरा और जेवर क्षेत्र में पहुंचा। भोर से ही यमुना का जलस्तर खतरे के निशान तक पहुंच गया था। रबूपुरा के मेंहदीपुर-चंडीगढ़ गांव में पिछले दो दिनों से यमुना का कटाव होने लगा था। इसे लेकर प्रशासन ने रेत की बोरियों और पत्थरों से कटाव को रोकने की कोशिश की थी। बुधवार रात को ही बाढ़ का बहाव तेज होने पर इस रोक को तोड़ते हुए यमुना के पानी की एक धारा ने गांव के नजदीक का रुख कर लिया। इससे ग्रामीण भयभीत हो गए। इस धारा ने अपने पुराने रास्ते का रुख कर लिया तो प्रशासन अलर्ट हो गया।
भोर के समय पुराने बंधे से होकर जाने वाले रास्ते में पड़ने वाली पुलिया तक बाढ़ का पानी पहुंचने लगा। यह पुलिया अभी तीन महीने पहले ही बनाई गई थी। मौके पर जेवर तहसीलदार ओमप्रकाश पासवान और उनकी टीम और पुलिस फोर्स पहुंच गई। पुलिया के रास्ते को आम जनता के लिए बंद कर दिया गया। इस रास्ते से गांव से रबूपुरा की कनेक्टिविटी कट गई। शाम तक मौके पर एसडीएम जेवर और एनडीआरएफ की टीमें पहुंच गई थीं।
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मेहंदीपुर-चंडीगढ़ गांव के खेतों में घुसा बाढ़ का पानी
बाढ़ का पानी पुलिया से आगे बढ़ते हुए अपने पुराने रास्ते से होते हुए खेतों तक जाने लगा। अधिकारियों ने बताया कि नजर रखी जा रही है कि बाढ़ का पानी गांव में न घुसे। अधिकारियों का कहना है कि यमुना का कटाव होते हुए बाढ़ का पानी आगे चलकर यमुना नदी में घूमकर मिल जाएगा।
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लतीफपुर गांव में घुसा बाढ़ का पानी, ग्रामीणों की हजारों बीघा फसल बर्बाद
हरियाणा की सीमा से सटे दनकौर के लतीफपुर गांव की गलियों तक पानी पहुंच गया है। गांव से बाहर निकलने वाले सभी रास्ते पानी भरने से बंद हो गए हैं। आशंका जताई जा रही है कि यदि देर रात को पानी और ज्यादा होता है, तो घरों तक पानी पहुंच जाएगा। बाढ़ निगरानी के लिए चौकी बनाकर विशेष सावधानी बरती जा रही है। पुलिस अधिकारी और एनडीआरएफ की टीम ने जगनपुर गांव से बाढ़ में फंसे करीब 27 लोगों को रेस्क्यू कर बाहर निकाला। डूब क्षेत्र में क्षेत्र में अट्टा फतेहपुर, अट्टा गुजरान, नोरंगपुर, मकनपुर खादर, मकनपुर बांगर, कादलपुर, लतीफपुर, रामपुर समेत कई गांव के ग्रामीणों के खेत है। इन गांवों के किसानों की हजारों बीघा फसल डूब गई है।
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विद्यालय परिसर में घुसा पानी, बच्चे नहीं पहुंचे स्कूल, स्कूल में बनी बाढ़ चौकी भी डूबी
लतीफपुर गांव के जूनियर हाईस्कूल और प्राथमिक विद्यालय में भी बुधवार से पानी पहुंच गया है। पानी अधिक होने से दोनों विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चे और अध्यापक भी स्कूल में नहीं पहुंच पाए। अभिभावकों ने आरोप लगाया कि इसके लिए पहले से प्रशासनिक अधिकारियों ने कोई इंतजाम नहीं किए। ग्रामीण इसकी शिकायत डीएम से करेंगे। जिला प्रशासन की स्कूल परिसर में बनाई गई बाढ़ चौकी भी पानी में डूब गई हैं।
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मकनपुर खादर के डूब क्षेत्र में बने मकानों में घुसा बाढ़ का पानी
रबूपुरा क्षेत्र में यमुना नदी का जलस्तर बढ़ने पर चंडीगढ़-मेहंदीपुर के अलावा मकनपुर खादर आदि गांव में पानी घुस गया। कुछ मकानों में बाढ़ का पानी घुस गया तो अधिकतर मकानों से सटकर यमुना नदी बह रही है। प्रशासन ने मकनपुर और चंडीगढ़ गांव में अस्थायी पुलिस चौकी और बाढ़ चौकी स्थापित की है।
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स्वास्थ्य विभाग ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लगाया स्वास्थ्य शिविर
स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने रबूपुरा क्षेत्र में यमुना किनारे राहत शिविरों के साथ स्वास्थ्य शिविर लगाया। पहले दिन स्वास्थ्य शिविर में सबसे अधिक सर्दी- जुकाम, खुजली और बुखार से पीड़ित मरीज पहुंचे। एक मरीज को एंबुलेंस से जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।
जेवर में चार घरों के लोगाें को किया रेस्क्यू
बड़ी कानीगढ़ी गांव में चार घरों में पानी घुस गया, जिसके बाद प्रशासन ने प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। कानीगढ़ी, छोटी कानीगढ़ी, बड़ा झुप्पा, छोटा झुप्पा, पुरननगर, गोविंदगढ़, शमशमनगर और करौल गांव के खेतों में पानी घुस गया है। अब तक करीब 3000 बीघा से अधिक खेत पूरी तरह जलमग्न हो चुके हैं।