यमुना प्राधिकरण लाएगा बिल्डरों के लिए जीरो पीरियड और एकमुश्त समाधान योजना
- प्राधिकरण को मिलेंगे 4757 करोड़ रुपये, चार हजार आवंटियों को मिलेगा लाभ
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। यमुना प्राधिकरण (यीडा) ने ग्रुप हाउसिंग में फंसे आवंटियों को राहत देने के लिए पहली बार बिल्डर परियोजनाओं के लिए एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) और जीरो पीरियड लाने की तैयारी कर ली है। इस योजना से बिल्डरों पर लगे करीब 5000 करोड़ का ब्याज माफ हो जाएगा। जबकि यीडा को बिल्डरों के पास फंसे करीब 4757 करोड़ रुपये मिलेंगे। वहीं बिल्डरों के लिए लाई जा रही योजना से चार हजार से अधिक फ्लैट खरीदारों को लाभ मिलेगा।दरअसल योजना का लाभ उठाने वाले बिल्डरों को इसका लाभ फ्लैट खरीदारों को भी देना होगा। वहीं यीडा ने गांवों में घरौनी का सर्वे कराने का भी निर्णय लिया है। इससे ग्रामीणों को मालिकाना हक मिल सकेगा। यह दोनों मुद्दों 12 सितंबर को होने वाली बोर्ड बैठक में रखे जाएंगे।
यीडा क्षेत्र में बिल्डरों के कारण खरीदारों का आशियाने का सपना पूरा नहीं हो पा रहा है। जिसे देखते हुए यीडा बोर्ड बैठक में जीरो पीरियड और ओटीएस पर विचार किया जाएगा। यदि बोर्ड ने इसे मंजूर कर दिया तो बिल्डरों को कम राशि जमा करानी होगी। अधिकारियों के मुताबिक पांच दिसंबर 2019 के शासनादेश के तहत जीरो पीरियड का प्रस्ताव लाया जाएगा। इससे प्राधिकरण के फंसे 4757 करोड़ रुपये मिलने की उम्मीद है। इनमें करीब 3400 करोड़ रुपये जेपी समूह पर बकाया हैं। ओटीएस योजना के तहत पंजीकरण कराने पर सात माह और तीन किस्तों में पूरी राशि जमा करानी होगी।
मुख्य कार्यपालक अधिकारी डॉ. अरुणवीर सिंह ने बताया कि जीरो पीरियड का लाभ बिल्डरों को उसी रेशियो में दिया जाएगा, जिस जमीन पर प्राधिकरण कब्जा नहीं दे पाया था। जिसकी वजह से खरीदारों को आशियाना नहीं मिल सका था। इसकी गणना के बाद ही लाभ दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि इससे करीब चार हजार खरीदारों को जल्द आशियाना मिल सकेगा। यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में कुल 11 बिल्डर परियोजनाएं हैं। इनमें चार बिल्डरों के प्रोजेक्ट निरस्त कर दिए और दो बिल्डर एनसीएलटी में चले गए हैं। अब पांच बिल्डरों के अलग-अलग प्राेजेक्ट में करीब चार हजार खरीदार फंसे हैं।
2200 फ्लैट आवंटियों के लिए एकमुश्त समाधान योजना शुरू
ग्रेटर नोएडा। ग्रेनो प्राधिकरण के बहुमंजिला 2200 फ्लैट आवंटियों के लिए एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) तीन माह के लिए लागू हो गई है। इसमें प्रीमियम, अतिरिक्त मुआवजा व लीज डीड विलंब शुल्क पर लगी पेनल्टी माफ हो सकेगी। खरीदारों ने योजना का फायदा उठाया तो प्राधिकरण को करीब 468 करोड़ रुपये प्राप्त होंगे। ओटीएस लागू करने का निर्णय बैठक में पास होने के बाद इसे लागू अब किया गया है। नवंबर तक लागू ओटीएस स्कीम में प्रीमियम की बकाया धनराशि और मुआवजा पर दंडात्मक ब्याज से राहत और लीज डीड के विलंब शुल्क की धनराशि पर 40 से 80 फीसदी (60 वर्गमीटर तक के फ्लैट) और 20 से 40 फीसदी (60 वर्गमीटर से अधिक) को इससे लाभ मिल सकेगा। ब्यूरो
स्कीम एरिया फ्लैटों की संख्या
स्कीम फ्लैट का क्षेत्रफल फ्लैट की संख्या
बीएचएस-7 32 20
बीएचएस-11 30 128
बीएचएस-10 40 143
बीएचएस-12 86 से 120 150
बीएचएस-14 35.96 156
बीएचएस-16 29.76 1321
बीएचएस-17 58.18 255
नोट: फ्लैट के क्षेत्रफल वर्गमीटर में।
आवासीय योजनाओं के ओटीएस प्राधिकरण को 100 करोड़ मिले
ग्रेटर नोएडा। यमुना प्राधिकरण की ओर से एक से 31 अगस्त तक आवासीय योजनाओं के बकायेदार आवंटियों के लिए एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) में 425 लोगों ने आवेदन किया है। इससे यमुना प्राधिकरण को 100 करोड़ रुपये मिले हैं। अब बकाया आवंटी के पैसे जमा नहीं कराने पर आवंटन निरस्त किए जाएंगे। दरअसल, बकायेदार आवंटियों के लिए चौथी बार प्राधिकरण ओटीएस लेकर आया था। इसमें केवल 425 आवंटियों ने फायदा उठाया। जबकि इन योजनाओं में 1200 से अधिक आवंटी बकायेदार हैं। ब्यूरो