दादरी में सम्राट मिहिर भोज की प्रतिमा के शिलापट्ट पर लिखे गुर्जर शब्द पर काला पेंट करने के मामले में केस दर्ज करने के लिए लिखित तहरीर दे दी गई है। भारतीय गुर्जर परिषद के पदाधिकारियों ने सोमवार को डीसीपी मुख्यालय को शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है। शिकायत में दादरी में महापंचायत के दौरान दूसरे प्रदेशों से आए लोगों से ग्रेटर नोएडा जोन के दो पुलिस अधिकारियों पर अभद्रता का आरोप लगाया गया है। वहीं, मौके के फुटेज भी डीसीपी मुख्यालय को सौंपे गए हैं।
रिपोर्ट दर्ज नहीं की तो जाएंगे कोर्ट
संगठन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रविंद्र भाटी एडवोकेट समेत अन्य ने प्रेसवार्ता कर यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अगर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की तो वह कोर्ट जाएंगे। उन्होंने बताया कि सोमवार को पुलिस कमिश्नर को संबोधित तहरीर डीसीपी मुख्यालय को दी गई है। इसमें कहा गया है कि सम्राट मिहिर भोज की प्रतिमा शिलापट्ट पर लिखे गुर्जर शब्द पर 21 सितंबर की रात काला पेंट लगाने वालों के खिलाफ केस दर्ज किया जाए। इससे समाज की भावना आहत हुईं हैं। दोषियों को चिह्नित किया जाए और पता लगाया जाए कि किसके कहने पर शिलापट्ट से गुर्जर शब्द हटाया गया।
सीएम के नाम पर कालिख पोतने पर एफआईआर तो इसमें भी कानून बरावर
उनका कहना है कि जब मुख्यमंत्री के नाम पर काला पेंट लगाने वालों पर केस दर्ज हो सकता है, उन्हें जेल भेजा जा सकता है तो कानून सभी के लिए बराबर है। रविंद्र भाटी ने बताया कि 26 सितंबर दादरी में महापंचायत बुलाई गई थी। इस दौरान दादरी को छावनी में तब्दील कर दिया गया और दूसरे प्रदेशों से महापंचायत में पहुंचने वालों पर दो पुलिस अधिकारियों ने अपशब्द बोलकर धमकाते हुए अभद्रता की।
कानूनी लड़ाई के लिए अधिवक्ताओं का पैनल गठित
उन्होंने कहा कि मौके के वीडियो फुटेज साक्ष्य के रूप में उनके साथ मौजूद हैं और अधिकारियों को उपलब्ध करा दिए गए हैं। कानूनी लड़ाई के लिए अधिवक्ताओं का एक पैनल भी बनाया गया है। प्रेसवार्ता में एडवोकेट आशीष मावी, एमएस आर्या, पूजा नागर, रविंद्र पाल सिंह, संजय नागर, गौरव नागर, डॉ.रूपेश वर्मा आदि अधिवक्ता मौजूद थे।