गंध कुटी में फूल पूजा करते अनुयायी।- संवाद
कटरा। बौद्ध तपोस्थली श्रावस्ती बुधवार को बर्मा से आए अनुयायियों के 40 सदस्यीय दल से गुलजार रही। सभी ने बौद्ध भिक्षु देवानंद के नेतृत्व में पारंपरिक तरीके से गंध कुटी पर पूजा-अर्चना की। इस दौरान बौद्ध सभा का भी आयोजन किया गया।
बौद्ध सभा को संबोधित करते हुए भिक्षु देवानंद ने कहा कि भगवान बुद्ध की पूजा मानसिक शांति, सकारात्मक ऊर्जा और समृद्धि प्राप्ति का साधन है। साथ ही पिछले कर्मों का प्रायश्चित करने, बुराई को दूर भगाने, ज्ञान और सम्मान प्राप्त करने में भी मदद करती है।
उन्होंने आगे कहा कि बुद्ध का संदेश अनुयायियों को शांति और करुणा के पथ पर चलने की प्रेरणा देता है। बुद्ध की पूजा, ध्यान और साधना का एक माध्यम है, जिससे मन शांत होता है और आंतरिक शांति मिलती है। साथ ही यह पूजा मन से नकारात्मक भावनाओं को साफ भी करती है। बुद्ध की पूजा करने से व्यक्ति को सम्मान और अधिकार प्राप्त होता है।
अनुयायियों ने बौद्ध सभा के बाद कौशांब कुटी, शिवली स्तूप, सभा मंडप, बोधि वृक्ष ,राहुल कुटी, संघमित्रा कुटी, संघाराम बुद्ध विहार, कच्ची कुटी-पक्की कुटी आदि का भ्रमण कर स्थलों के इतिहास की जानकारी ली।