संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा। शहर के औद्योगिक सेक्टरों में सार्वजनिक परिवहन की सुविधा नहीं होने से कामगारों और कारोबारियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सूरजपुर साइट-सी, साइट-4, साइट-5 और कासना औद्योगिक क्षेत्र समेत कई सेक्टरों में आने-जाने के लिए लोग निजी वाहनों पर निर्भर हैं। औद्योगिक संगठनों की ओर से लंबे समय से इन क्षेत्रों में सार्वजनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की जा रही है। रात के समय स्थिति और मुश्किल हो जाती है।
ग्रेटर नोएडा में छह से अधिक औद्योगिक क्षेत्र हैं। इनमें हजारों छोटे-बड़े उद्योग संचालित हो रहे हैं, जहां बड़ी संख्या में श्रमिक और कारोबारी रोजाना आते-जाते हैं। इसके बावजूद इन औद्योगिक क्षेत्रों को जोड़ने के लिए रोडवेज या सिटी बसों की नियमित सुविधा नहीं है। कासना-सूरजपुर-नोएडा रोड और नोएडा-दादरी मार्ग पर ऑटो का संचालन होता है, लेकिन यह सुविधा भी रात करीब नौ बजे बंद हो जाती है।
औद्योगिक सेक्टरों के अंदर जाने के लिए पैदल चलने की मजबूरी: औद्योगिक सेक्टरों के अंदर सार्वजनिक परिवहन की व्यवस्था नहीं होने से कामगारों को मुख्य सड़क से फैक्टरियों तक पहुंचने के लिए पैदल चलना पड़ता है। कई जगह मुख्य मार्ग से अंदर तक पहुंचने में दो से तीन किलोमीटर की दूरी तय करनी होती है। ऐसे में लोगों को निजी वाहनों, कैब और रैपिडो जैसी सेवाओं का सहारा लेना पड़ता है। देर रात ड्यूटी खत्म होने पर घर लौटने के लिए वाहन मिलने में भी परेशानी होती है।
भविष्य में बस संचालन पर विचार: फिलहाल औद्योगिक सेक्टरों के अंदर सिटी बसों के संचालन की व्यवस्था नहीं है। भविष्य में इन मार्गों पर बस संचालन को लेकर सहमति बनती है तो ऐसे औद्योगिक सेक्टरों को भी बस रूट से जोड़ने पर विचार किया जाएगा।
राजेश वर्मा एआरएम सिटी ई बस डिपो