एथलेटिक्स खिलाड़ी प्रवीण कुमार। संवाद
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ग्रेटर नोएडा। कासना गांव निवासी 27 वर्षीय एथलीट खिलाड़ी प्रवीण कुमार ने तय समय से करीब साढ़े बारह घंटे पहले ही 100 किलोमीटर की दौड़ पूरी कर स्वर्ण पदक अपने नाम कर गांव व जिले का नाम रोशन किया है। यह कीर्तिमान उन्होंने दिल्ली के जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम में आयोजित दो दिवसीय एथलेटिक्स प्रतियोगिता में हासिल किया है। प्रवीण बेहतरीन एथलेटिक्स खिलाड़ी हैं, जो अपने खेल की जरूरतों को पूरा करने के लिए जिम्स में नौकरी भी करते हैं। प्रवीण ने बताया कि बचपन से ही दौड़ने का शौक है। इसी शौक ने एथलीट खिलाड़ी बना दिया। उनके परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं हैं। अपनी खेल जरूरतों को पूरा करने के लिए प्रवीण ने राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान (जिम्स) में स्टोर में नौकरी कर ली।
यहां से मिलने वाले वेतन का कुछ हिस्सा खेल पर खर्च करते हैं और बाकी परिवार को दे देते हैं। चार व पांच दिसंबर को जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम में इंडिया ओपन रन प्रतियोगिता में खिलाड़ियों को 24 घंटे 35 मिनट में 100 किमी की दौड़ पूरी करनी थी। इस लक्ष्य को प्रवीण ने 12 घंटे 35 मिनट व 15 सेकेंड में पूरा कर स्वर्ण पदक हासिल कर लिया। जीत के साथ ही प्रवीण का चयन पुणे में अगले माह प्रस्तावित मैराथन के लिए हो गया है। इससे पहले भी प्रवीण ने जयपुर मैराथन में तीन स्वर्ण, तीन रजत व एक कांस्य, गुरुग्राम में आयोजित प्रतियोगिता में 10 घंटे में 100 किलोमीटर दौड़ कर स्वर्ण व चंडीगढ़ में 24 घंटे में 240 किलोमीटर दौड़ कर स्वर्ण पदक जीत कर गांव व परिवार का नाम रोशन कर चुके हैं।
ओलंपिक में पदक जीतना लक्ष्य : रवि कुमार
सेक्टर-51 स्थित होशियारपुर निवासी रवि कुमार मात्र तीन वर्षों में बाक्सिंग की बारीकियां सीखकर नेशनल चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीत चुके हैं। अब 2024 में होने वाले ओलंपिक की तैयारी कर रहे हैं। रवि के कोच प्रीतम टोकस ने बताया कि 2019 से नोएडा स्टेडियम स्थित शहीद भगत सिंह एकेडमी में बाक्सिंग की बारीकियां सीख रहे हैं। 2019 में ही बागपत उत्तर प्रदेश एमेच्योर बॉक्सिंग एसोसिएशन द्वारा आयोजित स्टेट चैंपियनशिप में रवि ने कांस्य पदक अपने नाम किया। इसके बाद सितंबर 2021 में नेशनल के लिए ट्रायल में चैंपियन बने। सितंबर में ही 34वीं सीनियर 5वीं इलाईट मेंस चैंपियनशिप में भी ब्रांज मेडल जीतकर शहर का नाम रोशन किया। इतने कम समय में नेशनल तक खेलना बड़ी कामयाबी है। ओलंपिक के लिए वह रोज 5 से 6 घंटे अभ्यास कर रहे हैं।