-म्यूजियम में दिखी तस्वीर के आधार पर सोसाइटी में 13 गुना बड़ी चौकी बनाकर शिव आराधना की
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। कुमाऊंनी लोक कला को आगे बढ़ाते हुए सेक्टर-120 स्थित प्रतीक लॉरेल सोसाइटी में शिवलिंग की पार्थिव पूजा की गई। सोसाइटी निवासी उमंग आहूजा ने उत्तराखंड के म्यूजियम में कुमाऊं की प्रसिद्ध इस पूजा से संबंधित तस्वीर देखी थी। इस तस्वीर के आधार पर सोसाइटी में ऐपण कला से 13 गुना बड़ी चौकी बनाकर शिव की आराधना की गई। पूजा के लिए रामगंगा नदी के शिवालयों के पत्थरों से 14 शिवलिंग बनाए गए थे।
ऐपण कला उत्तराखंड के कुमाऊं क्षेत्र की पारंपरिक लोक कला है जो शुभ अवसरों, त्योहारों और अनुष्ठानों के दौरान बनाई जाती है। मूलरूप से उत्तराखंड निवासी उमंग ने कहा कि वह दिल्ली-एनसीआर में कई साल से रह रही हैं। कुछ दिन पहले वह उत्तराखंड गई थीं और वहां पर उन्होंने कुमाऊं स्थित द बाकली रिजॉर्ट के म्यूजियम में शिवलिंग की पार्थिव पूजा से संबंधित एक तस्वीर देखी थी।
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14 शिवलिंग मंदिर में स्थापित किए
उमंग ने बताया कि यह एक चल पूजा है। इसकी शुरुआत सावन के तीसरे और शुक्ल पक्ष के पहले सोमवार को हुई। पूजा का समापन नागपंचमी की पूजा के साथ किया गया। पूजा में सोसाइटी निवासी कुमाऊं की महिलाओं ने विशेष जुड़ाव महसूस किया। चौकी बनाने के दौरान उत्तराखंड के प्रसिद्ध लोकगीत भी गाए गए। पूजा के बाद 14 शिवलिंग को सोसाइटी के मंदिर में स्थापित कर दिया गया। इस दौरान प्रवेश नैनी, आशा, चंदा, शकुंतला, शालिनी, सुनीता माहटा, उमंग वर्मा, निर्मला शाह, भूमेश्वरी और मंजू समेत सोसाइटी के पूर्व एओए पदाधिकारियों ने सहयोग किया।