-संभावित प्रत्याशियों की अंडरटेकिंग के बाद बार एसोसिएशन ने बनाई एल्डर कमेटी
-एल्डर कमेटी बनने के साथ चुनाव की प्रक्रिया हुई तेज
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा।
जिला दीवानी एवं फौजदारी बार एसोसिएशन गौतमबुद्ध नगर का वार्षिक चुनाव-2025-26 के लिए शुक्रवार को एल्डर कमेटी का गठन हुआ। संभावित अंडरटेकिंग मिलने के बाद बार एसोसिएशन ने आम सभा की सहमति से चुनाव समिति का गठन किया। एल्डर कमेटी चेयरमैन का अधिवक्ता बह्म सिंह नागर को बनाया गया है। उनके साथ समिति 21 अन्य सदस्य शामिल है। एल्डर कमेटी के गठन के साथ माना जा रहा कि चुनाव 23 दिसंबर को संपन्न हो सकते हैं। कचहरी परिसर में चुनावी माहौल जोरों पर है। चारों तरफ होर्डिंग और बैनर लगाए हैं।
जिला दीवानी एवं फौजदारी बार एसोसिएशन गौतमबुद्ध नगर की वार्षिक चुनाव प्रक्रिया 2025-26 को लेकर शुक्रवार को बैठक हुई। सभी को बताया कि बार काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा 15 नवंबर 2025 से 15 फरवरी 2026 तक देश की सभी जिला बार एसोसिएशनों के वार्षिक चुनाव पर अस्थायी रोक है। संभावित प्रत्याशियों ने सर्वसम्मति से लिखित अंडरटेकिंग दी कि वह बार काउंसिल ऑफ इंडिया, इलाहाबाद हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट द्वारा पारित सभी आदेश और निर्देशों का पालन करेंगे। बार अध्यक्ष प्रमेंद्र भाटी ने बताया कि एल्डर कमेटी का गठन कर दिया है। जो चुनाव कराने में सहयोग करेंगे।
अध्यक्ष-सचिव के यह उम्मीदवार हैं मैदान में
अध्यक्ष के लिए मनोज भाटी बोड़ाकी, जगतपाल भाटी, शिव कुमार बैंसला, योगेंद्र भाटी मैदान में हैं। वहीं सचिव पद के लिए शोभाराम चंदेला, सतेंद्र नागर, नीरज भाटी मैदान में है। बार के लिए अध्यक्ष, सचिव, उपाध्यक्ष, कोषाध्यक्ष, वरिष्ठ उपाध्यक्ष, कनिष्ठ उपाध्यक्ष, सह सचिव प्रशासनिक, सांस्कृतिक सह सचिव, पुस्तकालय सह सचिव पद पर चुनाव होने हैं।
एल्डर कमेटी में शामिल वरिष्ठ अधिवक्ताः
जगदीश भाटी, उदयभान मलिक, संतराम जलालपुर, राम शरण नागर, ओम प्रकाश यादव, मुकेश शिशौदिया, जय प्रकाश बुद्धप्रिय, मुकेश कर्दम, धर्मवीर भड़ाना, मुजम्मिल खान, सुंदर भाटी, रामवीर भाटी, मुकेश राघव, सचिन नागर, गजेंद्र खारी, मुकेश सिंघल, मनोज डाढ़ा, आलोक शर्मा, प्रमोद शर्मा, अनिल भाटी, श्याम सिंह भाटी।
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बार चुनाव में ये हैं अहम मुद्दे
नए चैंबर का निर्माण, स्वास्थ्य बीमा, वकीलों पर दर्ज मुकदमे को खत्म कराना, पुलिस प्रताड़ना, परिसर में स्वच्छता, फर्जी वकीलों के खिलाफ कार्रवाई, शौचालय का निर्माण, कोर्ट में लंबित केस को जल्द सुनवाई का मुद्दा भी शामिल है।