फेसबुक पर पोस्ट की गई जातिसूचक शब्द लिखी बाइक की फोटो की मदद से पुलिस धनौरी वेटलैंड में वाइल्ड लाइफ डॉक्यूमेंट्री की वीडियोग्राफी करने पहुंची टीम के लुटेरों तक पहुंच गई। रविवार को पुलिस ने वारदात का खुलासा कर दिया। पुलिस ने तीनों 25 हजार के इनामी बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया है।
आरोपियों की पहचान बुलंदशहर के सिकंदराबाद एसडीएम कॉलोनी निवासी प्रमोद उर्फ हैप्पी और सिकंदराबाद के ही गांव मुरादाबाद निवासी दीपेंद्र उर्फ दीपांशु व बुलंदशहर के छियासीबाड़ी निवासी दीपक के रूप में हुई है। तीनों आरोपी 12वीं कक्षा में साथ पढ़ते हैं।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लूटा गया पांच लाख से भी अधिक कीमत का कैमरा-लैंस, तमंचा और वारदात में प्रयोग की गई बाइक भी बरामद कर ली है। पुलिस आयुक्त ने खुलासा करने वाली टीम को 50 हजार रुपये नकद इनाम की घोषणा की है। वहीं वारदात की साजिश रचने वाला आरोपी अभी फरार है।
एडिशनल डीसीपी विशाल पांडे और एसपी बृजनंदन राय ने बताया कि नोएडा निवासी निंदर कोहली और श्याम भागरा 22 अगस्त को धनौरी वेटलैंड पर वन्य जीवों की वीडियोग्राफी करने गए थे। वह एक स्थान पर अपनी कार खड़ी कर वीडियोग्राफी कर रहे थे। तभी एक अपाचे बाइक पर सवार होकर तीन नवयुवक पहले आगे गए और फिर वापस लौटकर आए।
आरोपियों ने फोटो खिंचवाने के बहाने रुके और तमंचे की बट से हमला कर आरोपियों ने श्याम भागरा को घायल कर दिया लेकिन उनका कैमरा छीनने में नाकाम रहे। आरोपी दूसरी ओर जाकर निंदर कोहली का कैमरा और लैंस लूटकर ले गए। इस घटना के दौरान कार में रखे कैमरे की वीडियो रिकॉर्डिंग चालू थी। इसमें आरोपी आगे जाकर वारदात के लिए लौटने के दौरान कैद हो गए और पूरे घटनाक्रम की आवाज कैद हुई।
ऐसे पकड़े गए आरोपी
एडिशनल डीसीपी के मुुताबिक, कैमरे में कैद हुई फोटो में आरोपी काले रंग की अपाचे बाइक पर सवार दिखे और उनकी बाइक के आगे जातिसूचक शब्द लिखा था। इस फोटो को पुलिस ने सोशल मीडिया पर शेयर किया। फेसबुक पर की गई एक पोस्ट को देखकर एक व्यक्ति ने आरोपियों को पहचान लिया। उसी ने पुलिस को सूचना दी कि यह आरोपी सिकंदराबाद बुलंदशहर के रहने वाले हैं।
150 अपाचे बाइक की पड़ताल की
पुलिस के मुताबिक, वारदात सोशल मीडिया पर छाई हुई थी। पुलिस ने सर्विस सेंटर, कंपनी, कस्बे, गांव आदि से लगभग 150 अपाचे बाइक की पड़ताल की। पकड़े गए आरोपी छात्र हैं और उन्होंने मौज मस्ती के लिए रुपये जुटाने को वारदात की। पुलिस आरोपियों का आपराधिक इतिहास खंगाल रही है।
धनौरी गांव के फरार आरोपी ने रची थी साजिश
पकड़े गए तीनों आरोपियों का एक सहपाठी धनौरी गांव निवासी है। उसी ने लूट की साजिश रची थी। आरोपी ने तीनों से कहा था कि धनौरी में महंगे कैमरे लेकर बाहरी लोग फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी करने आते हैं। वहां सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं है। इसलिए आसानी से यहां आकर कैमरा लूटा जा सकता है। वह गांव का रहने वाला है इसलिए उसे पहचाना जा सकता है। इसलिए वह वारदात में शामिल नहीं होगा। कैमरा बिकवाने की जिम्मेदारी उसी की होगी। अब, पुलिस फरार चौथे आरोपी को तलाश रही है।
पीड़ितों ने जताया आभार, सारस पर बना रहे डॉक्यूमेंट्री
वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफर नरेंद्र कोहली और श्याम भागरा वारदात के खुलासे की प्रेसवार्ता में पहुंचे। दोनों सारस पर डॉक्यूमेंट्री बना रहे हैं। इसके लिए वह वीडियोग्राफी करने वहां गए थे। कैमरा लूट की वारदात के बाद उनका काम बीच में ही रुक गया था। अब वह डॉक्यूमेंट्री के लिए बाकी वीडियाग्राफी जल्द शुरू कर देंगे।