- 70 से अधिक सोसाइटियों व गांव में रह रही आठ लाख से अधिक आबादी
- दादरी विधानसभा बड़ी होने के कारण अपेक्षा का बताया शिकार
- लंबे समय से ग्रेनो वेस्ट के मुद्दों पर नहीं दे रहा कोई ध्यान
अंकुर त्रिपाठी
ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा वेस्ट में अलग विधानसभा क्षेत्र बनाने की मांग जोर पकड़ने लगी है। 70 से अधिक सोसाइटियों व गांव में रहने वाले निवासियों का कहना है कि आठ लाख से अधिक आबादी वाले क्षेत्र को मौजूदा परिसीमन व्यवस्था में अलग विधानसभा का दर्जा मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि दादरी विधानसभा बड़ी होने के कारण एक विधायक समस्याओं के समाधान में तेजी नहीं ला पा रहे हैं। लंबे समय से निवासियों को मेट्रो आने का सपना दिखाया जा रहा है, लेकिन अब तक सपना ही मेट्रो बनी हुई है।
निवासियों का कहना है कि पिछले एक दशक में ग्रेटर नोएडा वेस्ट में बड़ी संख्या में आवासीय परियोजनाएं विकसित हुई हैं और लगातार नए परिवार यहां बस रहे हैं। इसके बावजूद पानी, सड़क, सीवर, बिजली, सार्वजनिक परिवहन, स्वास्थ्य सेवाएं और सरकारी स्कूल जैसी मूलभूत सुविधाएं आबादी के अनुपात में विकसित नहीं हो सकी हैं। आरोप है कि दादरी विधानसभा क्षेत्र का हिस्सा होने के कारण ग्रेटर नोएडा वेस्ट के स्थानीय मुद्दों को अपेक्षित प्राथमिकता नहीं मिलती।
वेस्ट की समस्याओं पर होगा केंद्रित
नेफोवा संगठन के पदाधिकारियों ने सोशल मीडिया के माध्यम से मांग भी उठाई थी कि निवासियों के हित में अलग विधानसभा होनी चाहिए। उनका मानना है कि अलग विधानसभा क्षेत्र बनने से यहां का अपना जनप्रतिनिधि होगा, जो केवल ग्रेटर नोएडा वेस्ट की समस्याओं और विकास कार्यों पर केंद्रित रहेगा। इससे सरकारी योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन, बजट आवंटन और प्रशासनिक जवाबदेही में भी सुधार आएगा। ऐस सिटी निवासी योगेंद्र कुमार ने उत्तर प्रदेश सरकार, परिसीमन आयोग और निर्वाचन आयोग से मांग की है कि बढ़ती आबादी, क्षेत्रफल और शहरी विकास को ध्यान में रखते हुए ग्रेटर नोएडा वेस्ट को स्वतंत्र विधानसभा क्षेत्र घोषित करने की प्रक्रिया शुरू की जाए।
ग्रेटर नोएडा वेस्ट : एक नजर में
अनुमानित आबादी : आठ लाख से अधिक (स्थानीय संगठनों का दावा)
वर्तमान विधानसभा : दादरी
मुख्य समस्याएं : पानी, सड़क, सीवर, बिजली, ट्रैफिक, स्वास्थ्य और शिक्षा
मुख्य मांग : ग्रेटर नोएडा वेस्ट को स्वतंत्र विधानसभा क्षेत्र घोषित किया जाए
तर्क : अलग विधायक मिलने से स्थानीय समस्याओं के समाधान और विकास कार्यों में तेजी आएगी
मजबूत प्रतिनिधित्व से उम्मीद बढ़ेगी
क्षेत्र तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन सुविधाएं उसी गति से नहीं बढ़ीं। अलग विधानसभा बनने से समस्याओं पर ज्यादा ध्यान दिया जा सकेगा। - आरसी भट्ट,एसकेए ग्रीन आर्क
युवाओं के लिए बेहतर शिक्षा, रोजगार और सार्वजनिक सुविधाएं जरूरी हैं। मजबूत प्रतिनिधित्व से उम्मीद बढ़ेगी। - अतुल रंजन,सुपरटेक इको विलेज 2
हजारों परिवार यहां रह रहे हैं, लेकिन स्थानीय मुद्दों के समाधान में देरी होती है। अलग विधायक होने से सुविधाएं बढ़ेंगी।- राहुल कावात्रा,आरजी लग्जरी
महिलाओं और परिवारों से जुड़े मुद्दों पर भी ज्यादा ध्यान देने वाला प्रतिनिधि चाहिए। दादरी विधानसभा होने से अभी कई मांगें पूरी ही नहीं हो पाई हैं। - निशा यादव, सेंचुरियन पार्क
अलग विधानसभा से क्षेत्र की आवाज विधानसभा तक मजबूती से पहुंचेगी। जिससे निवासियों को राहत मिलेगी। - दीपक गुप्ता,गौड़ ऐश्वर्यम
विकास योजनाओं के लिए बेहतर प्लानिंग और निगरानी जरूरी है। अलग विधानसभा की मांग क्षेत्र की बढ़ती जरूरतों को देखते हुए उठाई जा रही है। - अमरनाथ शर्मा,आम्रपाली गोल्फ होम्स
वर्तमान समय में ग्रेटर नोएडा वेस्ट में कुल आबादी का लगभग आधा हिस्सा ही शिफ्ट हुआ है। सही समय है कि परिसीमन आयोग इस पर कार्य करे। - दीपांकर कुमार, पंचशील ग्रीन्स 2
घर खरीदार एवं इस क्षेत्र की सामाजिक संगठन नेफोवा काफी लंबे समय से इस बात पर बल दे रही है कि ग्रेटर नोएडा वेस्ट को एक अलग विधानसभा क्षेत्र घोषित किया जाना चाहिए, जिससे यहां का समग्र विकास हो सके। - अभिषेक कुमार, अध्यक्ष नेफोवा