रबूपुरा/दनकौर। तीन दिन तक रुक-रुक कर हुई बारिश में भीगे क्रय केंद्रों पर रखे गेहूं के खराब होने की आशंका बनी हुई। रबूपुरा में क्रय केंद्रों पर खुले में रखा गेहूं अंकुरित होने लगा है तो दनकौर में गेहूं की बोरियों के नीचे पानी जमा हो गया है। एक तरफ लॉकडाउन में बेरोजगार हुए मजदूर व निम्न आय वर्ग के लोग अन्न जुटाने का प्रयास कर रहे हैं, वहीं लापरवाही के चलते क्रय केंद्रों के बाहर रखे गेहूं के सड़ने की आशंका है।
रबूपुरा में तिरथली, जौनचाना, रौनीजा व रबूपुरा सहित पांच क्रय केंद्र हैं। मंगलवार, बुधवार और वृहस्पतिवार को हुई बारिश में सभी क्रय केंद्रों पर खरीदा गया गेहूं पानी में भीगता रहा। तिरथली स्थित साधन सहकारी समिति के क्रय केंद्र पर करीब 20 गांवों के किसानों से गेहूं खरीदा गया था। क्रय केंद्र पर करीब पांच हजार कुंतल गेहूं भीग रहा है। बारिश के चलते गेहूं के दाने अंकुरित होने लगे हैं। इधर दनकौर के रीलखा रोड स्थित मंडी समेत क्षेत्र के दनकौर, नवादा व समसपुर गांव में क्रय केंद्रों पर खुले में पड़े गेहूं की सैकड़ों बोरियां भीग गईं हैं। हालांकि बोरी भीगने का मामला सोशल मीडिया में वायरल होने के बाद अधिकारियों ने शुक्रवार को कुछ केंद्रों पर बोरियां तिरपाल से ढकवा दी हैं। किसान रमेश कसाना ने बताया कि केंद्रों पर एक हजार कुंतल से अधिक गेहूं की बोरियां खुले में पड़ी हैं। बारिश की संभावना के बाद भी विभागीय अधिकारियों ने बचाव के इंतजाम नहीं किए थे। जिससे गेहूं बारिश में भीग गया। दनकौर की मंडी में बड़ा टीन शेड बना हुआ है। लेकिन अधिकारियों की मिलीभगत से शेड के नीचे कस्बे के आढ़तियों की निजी बोरियां रखी गई हैं।
तिरपाल से ढकने का प्रयास किया
तिरथली केंद्र प्रभारी व साधन सहकारी समिति के सचिव भगवत सिंह ने बताया कि क्रय केंद्र पर बारदाना खत्म होने के कारण 14 मई से गेहूं की खरीद बंद हो गई है। उठान नहीं होने से क्रय केंद्र पर स्टॉक में रखा करीब 5 हजार कुंतल गेहूं तिरपाल से ढकने का प्रयास किया गया लेकिन यह नाकाफी था।