जम्मू-कश्मीर में 27 से 29 सितंबर तक बारिश की संभावना
जम्मू-कश्मीर में 27 से 29 सितंबर तक बारिश होने की संभावना है। इससे जम्मू-कश्मीर में धान की कटाई प्रभावित हो सकती है। वीरवार को सुबह जम्मू शहर में दो घंटे तेज बारिश हुई। पुंछ और राजोरी में दोपहर को भी बारिश होती रही। उधर, किश्तवाड़ के पाडर में ऊंचे इलाकों में बर्फबारी हुई है। श्रीनगर मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक डॉ. मुख्तार अहमद ने बताया कि पिछले 24 घंटे में सोनमर्ग में 6.5 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है। गांदरबल में 2.5 मिमी बारिश हुई है। कश्मीर संभाग के शोपियां और बडगाम में भी वीरवार को बारिश हुई है। जम्मू-श्रीनगर राजमार्ग खुला रहा और वाहनों की आवाजाही जारी है।
जम्मू-कश्मीर में 3-5 अक्तूबर के बीच भी छाए रहेंगे बादल
उन्होंने बताया कि 25 और 26 सितंबर को आम तौर पर मौसम सूखा रहेगा। 27-28 सितंबर को बादल छाए रहेंगे। कुछ जिलों में थोड़ी देर के लिए बारिश जबकि ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की बर्फबारी, तूफान और तेज हवा चलने की संभावना है। 29 और 30 सितंबर को कुछ जगहों पर थोड़ी देर के लिए बारिश हो सकती है। इसी तरह 1 और 2 अक्तूबर को मौसम सूखा रहेगा। 3 से 5 अक्तूबर के बीच आम तौर पर बादल छाए रहेंगे। कुछ जगहों पर हल्की बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की बर्फबारी होने की संभावना है।
उत्तराखंड में सतोपंथ मार्ग के चक्रतीर्थ क्षेत्र में भारी बर्फबारी
उत्तराखंड के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में बर्फबारी का दौर शुरू हो गया है। बदरीनाथ से सतोपंथ जाने वाले मार्ग पर बुधवार शाम मौसम बदलने के साथ बर्फबारी हुई। सतोपंथ मार्ग के चक्रतीर्थ क्षेत्र में भारी बर्फबारी देखने को मिली। बर्फ गिरने के बाद पूरा इलाका सफेद चादर से ढक गया, जिससे यहां का नजारा बेहद खूबसूरत नजर आया। पोस्ट मानसून के बाद पहाड़ों में ठंड बढ़ने के साथ ही ऊंचाई वाले क्षेत्रों में मौसम का असर दिखाई देने लगा है। चक्रतीर्थ में हुई बर्फबारी को इस वर्ष की पहली बर्फबारी बताया जा रहा है। बुधवार शाम मौसम में बदलाव के बाद यहां बर्फबारी का सिलसिला शुरू हुआ।
हिमाचल प्रदेश में 27 सितंबर को भारी से बहुत भारी बारिश के आसार
मौसम विभाग के पूर्वानुमान में 27 सितंबर को मौसम के और सक्रिय होने के संकेत हैं। इस दिन कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। साथ ही आंधी-तूफान और बिजली चमकने के दौरान तेज हवाओं की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। इस दिन के विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
एल नीनो के कारण बर्फबारी में आ सकती है कमी
निदेशक डॉ. अहमद ने बताया कि 27 और 28 सितंबर के बीच शाम पांच और छह बजे के बीच बारिश का दौर शुरू होगा जो लगभग दो- तीन घंटे जारी सकता है। बारिश से धान की फसल प्रभावित हो सकती लेकिन कश्मीर में सेब की खेती को कोई नुकसान नहीं होगा। एल नीनो का प्रदेश में असर के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा, सर्दी में इसका असर दिख सकता है। दिसंबर के आखिर और जनवरी की शुरुआत में एल नीनो के कारण बर्फबारी में कमी देखने को मिल सकती है। एल नीनो प्रशांत महासागर में सतह का तापमान सामान्य से अधिक गर्म होने की एक प्राकृतिक जलवायु घटना है।
पुंछ को कश्मीर से जोड़ने वाली ऐतिहासिक मुगल रोड पर मौसम की पहली बर्फबारी
पुंछ और राजौरी ज़िलों को कश्मीर घाटी से जोड़ने वाली एवं कश्मीर से जम्मू के बीच वैकल्पिक मार्ग ऐतिहासिक मुगल रोड पर वीरवार शाम को मौसम की पहली बर्फबारी हुई। जिससे जिले के उंचाई वाले क्षेत्रों में ठंड बढ़ने के साथ सर्दी का आरंभ हो गया है। जानकारी के अनुसार, आज शाम को जिले में अचानक बिगड़े मौसम के मिजाज के बीच ऐतिहासिक मुगल रोड पर सबसे ऊंचे क्षेत्रों नीलीना टाप से पीर की गली तक मौसम की पहली बर्फबारी होने लगी। जिससे पीर गली के हरे भरे मैदान में बर्फ की सफेद चादर बिछने से बड़ा ही सुंदर नजारा बन गया है। जिससे मार्ग पर यात्रा करने वाले यात्रियों चेहरे खिल उठे और कई यात्री वाहनों से उतर कर बर्फबारी से बने सुंदर नजारों को मोबाइल में कैद करते रहे।