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Noida News: मांसपेशियों में कमजोरी या आंखों का ऊपर की ओर झुकाव तो डाउन सिंड्रोम का खतरा

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संवाद न्यूज एजेंसी
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ग्रेटर नोएडा। अगर बच्चे का चेहरा चपटा, गर्दन छोटी, ऊपर की ओर झुकी हुई आंखें हों तो यह डाउन सिंड्रोम की समस्या हो सकती हैं। चिकित्सकों के अनुसार इसके अलावा बच्चों में मानसिक और शारीरिक विकास में देरी के अलावा किसी चीज को सीखने या समझने में परेशानी भी लक्षण हो सकते हैं। कुछ मामलों में हृदय या अन्य स्वास्थ्य समस्याएं भी हो सकती हैं।
चिकित्सकों का मानना है कि हर बच्चे में लक्षण अलग-अलग हो सकते हैं इसलिए समय पर पहचान और थेरेपी जरूरी होती है। डाक्टरों ने बताया कि डाउन सिंड्रोम कोई बीमारी नहीं बल्कि एक जेनेटिक कंडीशन है। इसमें बच्चे में क्रोमोसोम 21 की एक अतिरिक्त कॉपी होती है। आमतौर पर इंसानों में 46 क्रोमोसोम होते हैं लेकिन इन बच्चों में 47 होते हैं। इससे उनके शारीरिक और मानसिक विकास पर असर पड़ता है। सही देखभाल, थेरेपी और शिक्षा के साथ ये बच्चे भी एक संतुलित और खुशहाल जीवन जी सकते हैं।
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डॉक्टरों ने बताया कि डाउन सिंड्रोम की समस्या से बचाव किए जा सकते हैं लेकिन जड़ से खत्म नहीं किया जा सकता है। यह हर 700 में से किसी एक बच्चे में पाया जाता है। समय पर पहचान होने से बच्चे के स्वास्थ्य और विकास पर बेहतर ध्यान दिया जा सकता है।

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ऐसे करें पता

डॉक्टरों का कहना है कि डाउन सिंड्रोम का पता जन्म के समय या गर्भावस्था के दौरान स्क्रीनिंग टेस्ट से लगाया जा सकता है। फर्स्ट ट्राइमेस्टर स्क्रीनिंग, न्यूकल ट्रांसलूसेंसी (एनटी) अल्ट्रासाउंड, नान-इनवेसिव प्रीनेटल टेस्ट (एनआइपीटी) व एम्नियोसेंटेसिस और सीवीएस जांच कराने से अभिभावकों को जानकारी मिल सकती और वे सही मेडिकल काउंसलिंग और देखभाल की योजना बना सकते हैं।
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जागरूकता बढ़ने और बेहतर डायग्नोसिस के कारण अब ज्यादा केस पहचान में आ रहे हैं। समय से पहचान और उपचार ही समाधान है। - डॉ. संजू यादव, बालरोग विभाग, जिम्स
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