ग्रेटर नोएडा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को ग्रेनो में एक साक्षात्कार के दौरान कहा कि समाजवादी पार्टी प्रत्याशियों की पहली सूची जारी करने के बाद बैकफुट पर आ चुकी है। अब दूसरी सूची जारी करने की हिम्मत नहीं हो रही है, क्योंकि किसे टिकट दें और किसे नहीं यह उन्हें अब समझ नहीं आ रहा है। फिर भी अगर वह वैसा ही करते हैं जैसे पहली सूची में पेशेवर अपराधियों व माफिया को स्थान देकर किया है तो जनता के सामने मुंह दिखाने की स्थिति नहीं होगी।
योगी ने कहा कि हमने राष्ट्रवाद, सुशासन और विकास को ही मुुद्दा बनाया है। प्रदेश में इससे पहले अन्य पार्टियां वंशवाद और परिवारवाद को बढ़ावा देते हुए लोगों का शोषण कर रही थीं। गरीबों, किसानों, नौजवानों में असुरक्षा का भी माहौल था। हर तीसरे दिन प्रदेश में दंगा होता था। अब अगर दंगा होने के बाद कर्फ्यू लगेगा तो विकास की गाड़ी रुक जाएगी।
अगर बेईमानी और भ्रष्टाचार जिंदगी का हिस्सा बन जाएगा तो स्वाभाविक रूप से सुशासन के लक्ष्य को दूर-दूर तक प्राप्त नहीं कर सकते। ये परिवारवादी और वंशवादी लोग यही करते थे। पांच वर्ष में दंगाई और पेशेवर अपराधी या तो प्रदेश छोड़कर भाग चुके हैं या जेल में हैं। अब समाजवादी पार्टी ने अपनी पहली सूची में सहारनपुर व मुुजफ्फरनगर के दंगाई, कैराना में हिंदू व्यापारियों के पलायन के लिए जिम्मेदार अपराधियों को टिकट दिया है। बुलंदशहर, स्याना और लोनी तक में इन्होंने ऐसे ही लोगों को टिकट दिया है।
यह चीजें दिखाती है कि अपनी आपराधिक, तमंचावादी और माफियावादी मानसिकता से सपा और कांग्रेस उबर नहीं पाएं हैं। यह प्रदेश के विकास को बाधित करने और फिर माफियावाद लाने की दृष्टि से इस तरह के शरारतपूर्ण कार्य कर रहे हैं। यही वजह है कि विकास, सुशासन और राष्ट्रवाद के जिन मुद्दों के लिए भाजपा 2017 सत्ता में आई थी, उसी प्रकार से पार्टी 2022 के चुनाव में भी जा रही है। 2017 के चुनावों में जो कहा था उसे करके दिखाया। आगे जब सरकार बनेेेगी तो भाजपा इन्हीं मुद्दों को आगे बढ़ाने का काम करेगी।