ग्रेटर नोएडा। ग्रेनो प्राधिकरण ने सूरजपुर-परी चौक मार्ग, कलेक्ट्रेट, कुलेसरा और ईकोटेक-3 क्षेत्र में जलभराव की समस्या के समाधान के लिए योजना तैयार कर ली है। शुक्रवार को इस योजना का प्रस्तुतिकरण दिया गया। सीईओ नरेंद्र भूषण ने योजना को मंजूरी दे दी है। इस पर लगभग 12 करोड़ रुपये खर्च होंगे। जल्द ही इसके लिए टेंडर जारी किए जाएंगे। जलभराव की समस्या से निजात के लिए ऑटोमैटिक संपवेल लगाए जाएंगे और पाइप की मदद से पानी हिंडन नदी तक पहुंचाया जाएगा। अहम है कि अमर उजाला में 20 अक्तूबर को ‘जलनिकासी की योजना तैयार, जलभराव का होगा उपचार‘ हेडलाइन से खबर प्रकाशित हुई थी।
नोएडा-ग्रेटर नोएडा-दादरी के बीच प्रमुख संपर्क मार्ग होने के कारण हजारों वाहन इस मार्ग से गुजरते हैं। हल्की बारिश में भी जलभराव के कारण वाहन चालकों को परेशानी उठानी पड़ती थी। वहीं, कई बार पुलिसकर्मियों को भी पानी में खड़े होकर यातायात व्यवस्था संभालनी पड़ती थी। कुछ दिन पहले सीईओ नरेंद्र भूषण इसका मुआयना करने पहुंचे थे। सीईओ ने परियोजना विभाग के महाप्रबंधक एके अरोड़ा से इसका स्थायी समाधान कराने के लिए प्लान बनाने के निर्देश दिए थे। परियोजना विभाग ने इन दो जगहों पर जलभराव दूर करने के लिए करीब 12 करोड़ रुपये के कार्यों का प्लान बनाकर सीईओ के समक्ष प्रस्तुतिकरण दिया, जिसमें दोनों जगहों के लिए अलग-अलग प्लान प्रस्तुत किए गए।
हल्द्वौनी-कुलेसरा के बीच बिछेगी पाइपलाइन
हल्दौनी और कुलेसरा के बीच डीएससी रोड पर पाइपलाइन बिछाई जाएगी। जिससे बारिश के पानी को हिंडन में गिराया जाएगा। इस काम पर करीब 4.66 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसी तरह सेक्टर ईकोटेक-3 में कच्ची सड़क के किनारे चार ऑटोमेटिक संपवेल लगाए जाएंगे। बारिश से कम जलभराव होने पर दो संपवेल ऑटोमेटिक चालू हो जाएंगे। ज्यादा जलभराव होने पर दो और संपवेल खुद से चालू हो जाएंगे। जलभराव खत्म होने पर पंप अपने आप बंद हो जाएंगे। यहां से बारिश के पानी को लखनावली के पास हिंडन में गिराया जाएगा। इस काम पर करीब 7.16 करोड़ रुपये खर्च होंगे। एस्टीमेट पर सीनियर अफसरों से स्वीकृति लेकर एक माह में टेंडर प्रक्रिया पूरी करके निर्माण कार्य शुरू कराने की तैयारी है। महाप्रबंधक एके अरोड़ा ने बताया कि इन दोनों कार्यों के हो जाने के बाद जलभराव की समस्या दूर हो जाएगी।