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क्रेडिट और डेबिट कार्ड समेत पर्स गायब, खाते से 10 लाख निकाले

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नोएडा। खरीदारी करने गई महिला का बैग चुराकर बदमाशों ने उसमें रखे डेबिट और क्रेडिट कार्डों से पांच बार में 10 लाख रुपये निकाल लिए। मोबाइल पर एक के बाद एक कई मैसेज आने पर पीड़िता को इसकी जानकारी मिली। जब तक पीड़िता कार्ड को ब्लॉक कराती तब तक ठगों ने अकाउंट खाली कर दिया था। पीड़िता ने सेक्टर-39 कोतवाली में घटना की रिपोर्ट दर्ज कराई है। पीड़िता का आरोप है कि पर्स चुराने वाले साइबर अपराधी थे।
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सेक्टर-104 निवासी इप्सिता नायक नवंबर के अंतिम सप्ताह बच्चों के साथ वह कार से सेक्टर-110 के मार्केट गई थीं। खरीदारी करने के दौरान उन पर्स वहीं गायब हो गया। पर्स में 10 हजार रुपये और कई बैंकों के डेबिट और क्रेडिट कार्ड रखे थे। महिला जिन दुकानों पर खरीदारी करने गई थी उन पर पर्स को तलाशने लगी। उसी दौरान एक के बाद एक कई मैसेज आए। इनमें दो-दो लाख रुपये की निकासी के मैसेज आए और जब तक बैंकों में कार्ड को बंद कराने के लिए प्रयास किया। जब तक बदमाशों ने उनके कार्डों से 10 लाख रुपये निकाल लिए थे। हालांकि उन्होंने दो कार्ड ब्लाक करा दिए थे। इसके बाद पीड़िता ने कोतवाली में घटना की शिकायत दी। पुलिस ने धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज करके जांच शुरू कर दी है।
पर्स कहां से गायब हुआ इसकी छानबीन की जा रही है। पर्स चोरी होने के कुछ ही देर बाद ही पैसे निकाले गए हैं। मामला दर्ज करके जांच की जा रही है।- रणविजय सिंह, एडीसपी नोएडा जोन।
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युवक के खाते से दो बार में निकाले एक लाख
सेक्टर-62 स्थित रजत विहार निवासी जिया उसलाम की ने कोतवाली सेक्टर-58 में धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई है। निजी कंपनी में काम करने वाले पीड़ित का आरोप है कि 22 दिसंबर को वह कंपनी थे उसी समय उनके मोबाइल पर दो मैसेज आए। जिसमें एक लाख रुपये की निकासी की सूचना थी। जबकि कार्ड भी उनके पास था और किसी से कोई जानकारी भी शेयर नहीं की थी। पुलिस ने ठगी की शिकायत दर्ज करके जांच शुरू कर दी है।
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साइबर फ्रॉड से बचने के लिए करें यह बचाव
- मोबाइल पर आने वाले किसी भी अंजान मैसेज का लिंक ओपन नहीं करें
- किसी भी बैंक का प्रतिनिधि ग्राहक से एटीएम पिन या कोई निजी जानकारी नहीं मांगता
- फोन पर केवाईसी के नाम पर किसी भी तरह की जानकारी नहीं दे
- मोबाइल बंद होने, खाता बंद होने या एटीएम कार्ड बंद होने के नाम पर कॉल आए तो फोन काट दें
धोखाधड़ी होने पर करें यह कार्य
- धोखाधड़ी होने पर 155260 नंबर पर कॉल करें
- यहां पर दिल्ली नंबर लगे तो 112 पर कॉल करें और घटना का विवरण दें
- ट्रांजैक्शन आईडी व लिंक को सुरक्षित रख लें, समय आने पर जांच में अटैच कराएं
- सोशल मीडिया से हुई धोखाधड़ी के लिए भी लिंक आदि के साक्ष्य सुरक्षित रखें
- समय-समय पर अपने मोबाइल, डेबिट-क्रेडिट कार्ड का पासवर्ड बदलते रहे
- किसी भी कार्ड का कोड नंबर 0000, 1111, 123456 आदि न रखें
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