अधिवक्ता से अभद्रता का आरोप, 2 घंटे तक कोतवाली का घेराव
ग्रेटर नोएडा। जमीन विवाद के मामले में अधिवक्ता और पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य आदेश भाटी ने बिसरख कोतवाली पुलिस पर अभद्रता का आरोप लगाया है। बड़ी संख्या में गुस्साए ग्रामीणों ने बृहस्पतिवार को बिसरख कोतवाली का घेराव किया। ग्रामीणों ने अभद्रता करने वाले अधिकारी व पुलिसकर्मियों पर केस दर्ज करने की मांग की है। अधिकारियों के जांच कर कार्रवाई का आश्वासन देने पर ग्रामीण लौटे, लेकिन रविवार तक कार्रवाई नहीं होने पर प्रदर्शन की चेतावनी भी दी। वहीं, पुलिस का कहना है कि दो पक्षों में निर्माण को लेकर विवाद के बाद पुलिस ने नियमानुसार कार्रवाई की। पुलिस ने 13 नामजद समेत 150 ग्रामीणों पर एससी-एसटी एक्ट, पुलिस कार्य में बाधा, मार्ग बाधित करने व कोविड-19 नियमों का उल्लंघन करने पर केस दर्ज किया है। कुल 13 धाराओं में केस दर्ज हुए हैं।
आदेश भाटी ने बताया कि वह जिले में प्रैक्टिस करते हैं। उनकी आबादी की जमीन पर गांव के ही एक पक्ष से विवाद चल रहा है। बुधवार को दूसरे पक्ष ने आबादी में बनी पुरानी दीवार को तोड़ दिया। सूचना मिलने पर पुलिस पहुंची। दोनों पक्षों के एक-एक व्यक्ति को कोतवाली ले गई। शाम को दूसरे पक्ष के एक व्यक्ति के साथ पुलिस बिसरख गांव में पहुंची। उस व्यक्ति के इशारा करने पर पुलिस अधिवक्ता को अपने साथ कोतवाली ले आई। आरोप है कि इसके बाद अधिवक्ता पक्ष के लोग व प्रधान थाने पहुंचे तो पुलिस अधिकारी ने उनसे अभद्रता की। उन्हें पिस्टल निकालकर गोली मारने की धमकी दी। आरोप है कि पूर्व प्रधान को भी कोतवाली में बैठा लिया गया। विरोध में बृहस्पतिवार सुबह बड़ी संख्या में ग्रामीण और कुछ अधिवक्ता बिसरख कोतवाली में एकत्रित हो गए। उन्होंने कोतवाली का घेराव कर प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में ग्रामीण दो घंटे से अधिक समय तक जमे रहे। एसीपी योगेंद्र सिंह ने ग्रामीणों की शिकायत आला अधिकारियों तक पहुंचाने का आश्वासन दिया है।
भूमि पर निर्माण को लेकर विवाद की सूचना पर पुलिस ने दोनों पक्षों के दो लोगों पर शांति भंग की कार्रवाई की। बावजूद दूसरा पक्ष निर्माण करवा रहा था। इसके चलते पुलिस संबंधित पक्ष के लोगों को कोतवाली में लेकर आई। प्रदर्शन के दौरान मार्ग बाधित हुआ और सार्वजनिक स्थान पर जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया गया। पुलिस कार्य में बाधा पहुंचाई गई। सुसंगत धाराओं में 13 नामजद समेत 150 ग्रामीणों पर केस दर्ज किया गया है।
- हरीश चंदर, डीसीपी सेंट्रल नोएडा।