इस घटना के बाद मौके पर स्थिति का जायजा लेने पशुपालन विभाग के अधिकारी पहुंचे। हालांकि प्राधिकरण के कर्मचारी और विद्युत निगम ने मामले से पल्ला झाड़ लिया। हादसे में शामिल पेड़ को काट दिया गया है। मौके पर कुछ कबूतर जरूर मिले, लेकिन तीन दिन बीत जाने के बाद उनमें से पोस्टमार्टम करने लायक कोई नहीं बचा।