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Noida News: 'एन आई फॉर एन आई मेक होल वर्ल्ड ब्लाइंड' बोलने पर हंगामा

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Iजेएनयू छात्रसंघ चुनाव: I
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I-प्रेसिडेंशियल डिबेट में बृहस्पतिवार तड़के प्रश्नोत्तरी सत्र में एबीवीपी के प्रत्याशी को चुनाव समिति ने बोलने से रोका I
I-एबीवीपी ने जेएनयू छात्रसंघ चुनाव समिति पर पक्षपात व वामदल संगठनों के साथ चुनाव करवाने का लगाया आरोपI
Iअमर उजाला ब्यूरोI
Iनई दिल्ली। IIजवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव के तहत झेलम लॉन में प्रेसिडेंशियल डिबेट की समाप्ति से पहले बृहस्पतिवार सुबह पांच बजे हंगामा हो ही गया। करीब आठ घंटे तक सब कुछ सामान्य रहा, लेकिन प्रश्न-उत्तर सत्र में मामला उलझ गया। एक छात्र ने एबीवीपी के अध्यक्ष उमेश चंद्र अजमीरा से सवाल पूछा था। आरोप है कि अजमीरा के जवाब पर छात्रसंघ चुनाव समिति ने एबीवीपी के अध्यक्ष पद के दावेदार के साथ दुर्व्यवहार करते हुए उन्हें बीच में ही भाषण देने से रोक दिया। एबीपीपी ने छात्रसंघ चुनाव समिति पर पक्षपाती व असंवैधानिक रवैए का आरोप लगाते हुए जांच की मांग रखी है। I
Iझेलम लॉन में बुधवार रात नौ बजे प्रेसीडेंशियल डिबेट शुरू हुई। सेंट्रल पैनल के उपाध्यक्ष, सचिव, संयुक्त सचिव के दावेदारों के बाद सेंट्रल पैनल के सभी सात उम्मीदवारों ने मंच से मतदाताओं को देश-विदेश के मुद्दों के बाद काम से लुभाना शुरू किया। रातभर सब ठीक रहा, लेकिन सुबह होने तक विवाद हो ही गया। जेएनयू एबीवीपी इकाई मंत्री विकास ने बताया कि अध्यक्ष पद के दावेदार उमेश चंद्र अजमीरा ने अपने भाषण के दौरान संदर्भ के तौर पर महात्मा गांधी का कथन 'एन आई फॉर एन आई मेक होल वर्ल्ड ब्लाइंड' का प्रयोग किया था। इसको लेकर बिना किसी आधार और नियम जेएनयूएसयू चुनाव समिति ने वाम छात्र संगठनों के साथ मिलकर उनके साथ दुर्व्यवहार करना शुरू किया और भाषण देने से भी रोका। जेएनयू में चुनाव के लिए गठित चुनाव समिति द्वारा प्रेसिडेंशियल डिबेट के दौरान एबीवीपी के उम्मीदवार के साथ दुर्व्यवहार करना व भाषण देने से रोकना चुनाव समिति का स्पष्ट रुप से पक्षपाती एवं असंवैधानिक कदम है। I
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Iजयश्रीराम के नारे के साथ अभद्र टिप्पणी: I
Iएबीवीपी अध्यक्ष पद के दावेदार ने बताया कि डिबेट के दौरान बुधवार रात को सीआरजेडी-समाजवाद छात्रसभा के कार्यकताओं ने मिले मुलायम -काशी राम, हवा में उड़ गए जय श्रीराम जैसे अभद्र नारे लगाए गए हैं। IIइसी तरह से भगवान श्रीराम के नाम पर अभद्र टिप्पणी करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। एबीवीपी इसका पूरजोर विरोध करती है। 500 साल की गुलामी को हटाकर अयोध्या में भगवान श्रीराम का मंदिर बना है। अभद्र टिप्पणी पर उन्हें सार्वजनिक माफी मांगनी चाहिए। I
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Iबैलेट पेपर के मुद्दे पर चुनाव समिति पर भरोसा नहीं: I
Iएबीवीपी ने छात्रसंघ चुनाव के लिए बैलेट में छपने और प्रयोग की संख्या सार्वजनिक करने की मांग रखी है। हमें छात्रसंघ चुनाव समिति पर कोई भरोसा नही है। इसलिए एबीवीपी मांग करता है कि चुनाव समिति बैलेट पेपर के छपने व प्रयोग की संख्या को पहले सार्वजनिक करे। चुनाव समिति वामदल गठबंधन के साथ मिलकर काम कर रही है। इसमें जेएनयू छात्रसंघ के लोकतांत्रिक प्रक्रिया को तार-तार किया जा रहा है। I
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