ग्रेटर नोएडा। उत्तर प्रदेश भूसंपदा विनियामक प्राधिकरण (यूपी रेरा) ने आदेश का पालन नहीं करने वाले सात बिल्डरों पर 1.08 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। बिल्डरों को एक माह के अंदर जुर्माने की धनराशि जमा करनी होगी। ऐसा नहीं करने पर रिकवरी सर्टिफिकेट (आरसी) जारी कर वसूली की जाएगी। वहीं बिल्डरों को 15 दिन के अंदर आदेशों का पालन करना होगा।
यूपी रेरा में 41 हजार से अधिक खरीदार शिकायत दर्ज करा चुके है। इनमें से 30 हजार से अधिक शिकायतों का निस्तारण किया जा चुका है। हालांकि ज्यादातर आदेशों का पालन नहीं हो सका है। जिस कारण खरीदारों को न्याय नहीं मिल सका है। परेशान खरीदार आदेश का पालन कराने की अपील यूपी रेरा से कर रहे है। यूपी रेरा की तरफ से नोटिस जारी कर जवाब तलब किया जाता है। कुछ दिन पहले यूपी रेरा ने सात बिल्डरों सुपरटेक, गार्डेनिया इंडिया, सर्वोत्तम रियलकॉन, आरसिटी इंफ्रास्ट्रक्चर, एसजेपी इंफ्राकॉन, अंसल अर्बन और अल्फा कॉर्प डेवलपमेंट को नोटिस जारी किया था। जारी नोटिस में आदेश का पालन नहीं करने पर जुर्माना लगाने की चेतावनी दी गई थी। इसके बाद भी बिल्डर ने आदेशों का पालन नहीं किया।
अब यूपी रेरा ने 82वीं बैठक में सातों बिल्डरों पर 1.08 करोड़ का जुर्माना लगाने की कार्रवाई की है। यूपी रेरा के सचिव राजेश कुमार त्यागी ने बताया कि 15 दिन के अंदर बिल्डरों को आदेशों का पालन करना होगा और उसकी रिपोर्ट देनी होगी। साथ ही जुर्माने की धनराशि एक माह के अंदर जमा करानी होगा। अगर जुर्माना जमा नहीं कराया तो फिर बिल्डरों के खिलाफ रिकवरी सर्टिफिकेट जारी किया जाएगा। संबंधित जिला प्रशासन उस पर वसूली करेगा।
इन बिल्डरों पर लगाया जुर्माना
बिल्डर जुर्माना (लाख रुपये में)
गार्डेनिया इंडिया लिमिटेड 35.41
सर्वोत्तम रियलकॉन प्राइवेट लिमिटेड 27.08
आरसिटी इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड 19.33
अल्फा कॉर्प डेवलपमेंट प्राइवेट लिमिटेड 8.75
एसजेपी इंफ्राकॉन (मिगसन जनपथ) 8.41
सुपरटेक लिमिटेड 6.37
अंसल अर्बन कोंडोमिनियम प्राइवेट लिमिटेड 3.09
28 फरवरी तक तिमाही रिपोर्ट सौंपें बिल्डर
बिल्डरों को अपने प्रोजेक्ट की प्रोग्रेस रिपोर्ट हर तीन माह में यूपी रेरा को देनी होती है। हालांकि बिल्डर समय पर रिपोर्ट नहीं दे रहे है। अक्तूबर, नवंबर और दिसंबर की रिपोर्ट जनवरी के पहले सप्ताह में देनी थी, लेकिन ज्यादातर बिल्डरों ने अभी रिपोर्ट नहीं सौंपी है। यूपी रेरा ने बिल्डरों को 28 फरवरी तक का समय दिया है। बिल्डरों ने कोविड की तीसरी लहर का कारण देकर समय सीमा बढ़ाने की मांग की थी।
यूपी रेरा प्रदेश के रियल एस्टेट सेक्टर को विनियमित करने के लिए हर संभव कदम उठा रहा है। भविष्य में आदेश का पालन नहीं करने वाले अन्य बिल्डरों को भी चिह्नित किया जा रहा है। उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। - राजीव कुमार, अध्यक्ष, यूपी रेरा
पैसे लेकर नहीं दिया फ्लैट, अर्थ बिल्डर के मालिकों पर केस
नोएडा। पैसे लेकर फ्लैट नहीं देने के आरोप में अर्थ बिल्डर के मालिकों व निदेशकों सहित अन्य के खिलाफ कोतवाली सेक्टर-20 में धोखाधड़ी का केस दर्ज किया गया है। कोर्ट के आदेश पर दर्ज केस में मालिक अतुल गुप्ता, विकास गुप्ता, रजनीश मित्तल व अन्य को नामजद किया गया है। पुलिस के मुताबिक, कोतवाली सेक्टर-20 क्षेत्र में अर्थ बिल्डर का दफ्तर है। कंपनी बहुमंजिला सोसाइटी बनाकर फ्लैट और दुकानें आदि बेचती है। बरौला निवासी भीम ने कई वर्ष पहले ग्रेनो की एक सोसाइटी में फ्लैट बुक कराया था। इसके लिए 21.58 लाख रुपये उन्होंने दिए थे। बिल्डर ने जल्द ही फ्लैट देने का वादा किया था, लेकिन कई बार चक्कर लगाने के बावजूद अब तक फ्लैट व पैसे नहीं मिले। बिल्डर की तरफ से जान से मारने की धमकी भी दी जा रही है।