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Noida News: जांच करने में यूपी रेरा ने लगा दिया दो माह का समय

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जांच करने में यूपी रेरा ने लगा दिया दो माह का समय
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- एएसजीआई प्रॉपर्टीज बिल्डर के यूपी रेरा का फर्जी आदेश बनाने का मामला
- 4 अगस्त को यूपी रेरा से कर दी थी प्रोजेक्ट की बायर्स एसोसिएशन ने शिकायत
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। उत्तर प्रदेश भूसंपदा विनियामक प्राधिकरण ने दो दिन पहले गाजियाबाद के एएसजीआई प्रॉपर्टीज बिल्डर के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया था, लेकिन जांच में यूपी रेरा ने करीब दो माह का समय लगा दिया था। प्रोजेक्ट के बायर्स की एसोसिएशन ने 4 अगस्त को बिल्डर के खिलाफ धोखाधड़ी की शिकायत की थी। वहीं यूपी रेरा के अफसरों का कहना है कि शिकायत की जांच करने के बाद ही कार्रवाई करने का फैसला लिया गया। बिल्डरों की धोखाधड़ी व अवैध गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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गाजियाबाद में एएसजीआई प्रॉपर्टीज बिल्डर का एप्पल टावर नाम से प्रोजेक्ट है। जिसका यूपी रेरा पंजीकरण समाप्त हो गया। आरोप है कि बिल्डर ने यूपी रेरा का कथित फर्जी आदेश तैयार किया। जिसमें प्रोजेक्ट को समय विस्तार मिलना दिखाया गया। इस आदेश की मदद से बिल्डर विभिन्न बैंकों और वित्तीय संस्थानों में आवेदन कर ऋण मांग रहा है। मामला सामने आने पर प्रोजेक्ट की बायर्स एसोसिएशन ने 4 अगस्त को शिकायत कर यूपी रेरा को जानकारी दी। शिकायत पर यूपी रेरा ने जांच की। जांच करने में दो माह का समय लगा गया। दो माह बाद यूपी रेरा ने बीटा-2 कोतवाली में बिल्डर कंपनी के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कराया है। यूपी रेरा के अफसरों का कहना है कि यूपी रेरा ने समय विस्तार का कोई आदेश जारी नहीं किया। बिल्डर के दस्तावेज पूरी तरह से कूटरचित व अवैध है। ऐसा कर बिल्डर खरीदारों का आर्थिक व मानसिक शोषण भी कर रहा था। यूपी रेरा किसी भी तरह की धोखाधड़ी व अवैध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं करेगा।
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