28 जून को मुनव्वर राना के बेटे तबरेज राना ने रायबरेली में सदर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था। उनका आरोप था कि वह अपनी कार से त्रिपुला चौराहे के पास स्थित पेट्रोल पंप से डीजल लेकर निकल रहे थे तभी एक बाइक पर सवार दो युवकों ने कार पर फायरिंग कर दी।
तबरेज का कहना है कि वह अपनी लाइसेंसी गन लेकर नीचे उतरे तो नकाबपोश बदमाश मौके से भाग गए। पुलिस ने पेट्रोल पंप के सीसीटीवी कैमरे की फुटेज लेकर मामले की जांच शुरू की। कोतवाल का दावा है कि तबरेज पर हमले का पूरा मामला फर्जी निकला। खुद तबरेज ने अपने चाचा और चचेरे भाइयों को फसाने के लिए मुकदमा दर्ज कराया था।
अब मुकदमे में रायबरेली पुलिस ने तबरेज राना को फर्जी मुकदमा दर्ज कराने, प्रतिद्वंदी को फंसाने और तथ्य छुपाने का आरोपी बना दिया है। इसके बाद रायबरेली पुलिस तबरेज राना की तलाश कर रही है। इसी सिलसिले में गुरुवार देर रात लखनऊ में हुसैनगंज स्थित एफआई टावर के ढींगरा अपार्टमेंट में छापेमारी की गई।
मुन्नवर ने बताया था खुद और बेटे की जान को खतरा
शायर मुन्नवर राना ने बेटे तबरेज पर जानलेवा हमले के बाद रायबरेली पुलिस से जान की सुरक्षा की गुहार लगाते हुए कहा था कि पुश्तैनी जमीन के लिए मेरे भतीजे मेरी हत्या की साजिश रच रहे हैं। वह मेरी जान ले लेंगे। उन्होंने कहा था कि अगर रायबरेली पुलिस सक्रिय नहीं हुई तो उनकी हत्या हो सकती है।
परिवार का विवाद खत्म न हुआ तो मंदिर को दान कर जाऊंगा जमीन
मुन्नवर राना ने कहा कि यदि परिवार का विवाद खत्म न हुआ तो सभी जमीनें किसी मंदिर को दान कर जाऊंगा, ताकि इतिहास में लिखा जाए कि अयोध्या में किसी ने जमीन छिनी थी तो रायबरेली में किसी ने दे भी दी। बोले- मेरी हमेशा ख्वाहिश रही है कि देश में झगडेे़-फसाद खत्म हों, पर परिवार में ही ये नौबत आएगी, कभी सोचा न था।
बाबरी मस्जिद के लिए जमीन देने की कर चुके पेशकश
मुन्नवर राना ने कहा कि पूरी जिंदगी सिर्फ शायरी करते हुए और सरस्वती के मंदिर में बैठकर बिता दी। शेर सुनाते हुए बोले- दरिया में मत बहाओ कि इस मुल्क में अभी दो गज जमीन का जमींदार मैं भी हूं। कहा कि जमीन-जायदाद के चक्कर में तो मैं कभी रहा ही नहीं। बताया कि बाबरी मस्जिद को लेकर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने से पहले प्रधानमंत्री को पत्र भेजा था। इसमें रायबरेली में नदी किनारे अपनी छह-सात बीघा जमीन मस्जिद के लिए देने की पेशकश की थी।
डीजीपी से शिकायत करने पहुंची बेटियां, नहीं हो सकी मुलाकात
सुमैया राना ने कहा कि इज्जतदार परिवार के यहां देर रात पुलिस का ऐसे छापा मारना। महिलाओं व लड़कियों से अभद्रता और परिवार से अपराधियों जैसा सुलूक बर्दाश्त नहीं करेंगी। आरोप लगाया कि बिना महिला कर्मचारी के पुलिस सभी कमरों में घुस गई। विरोध जताने पर हुसैनगंज थाने से एक महिला आरक्षी को बुला लिया। पूरे परिवार से गुंडों जैसा सलूक किया। सुमैया व फौजिया डीजीपी से शिकायत करने उनके दफ्तर भी गईं, हालांकि उनसे मुलाकात नहीं हो सकी। सुमैया ने डीजीपी व शासन से रायबरेली पुलिस की शिकायत करने और वकील की सलाह से अगला कदम उठाने की बात कही है।