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बिल्डरों ने निर्देशों का पालन नहीं किया तो बिना बिके फ्लैट होंगे सील

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नोएडा। प्राधिकरण की मुख्य कार्यपालक अधिकारी रितु माहेश्वरी ने बृहस्पतिवार रात ऑनलाइन बैठक में ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्टाें की समीक्षा की। इसमें बिल्डर-बायर्स की समस्याओं पर चर्चा की गई। सीईओ ने आईआईटीएल निंबस के लिए अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी (पी) की अध्यक्षता में एक समिति का गठन करते हुए मल्टीस्टोरी बिल्डिंग के संरचनात्मक ऑडिट कराने के लिए नीति बनाने को कहा। वहीं, सेक्टर-107 स्थित प्रतीक एडिफाइस की ओर से रखरखाव फंड अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन (एओए) को नहीं देने पर बिना बिके फ्लैट सील करने के आदेश दिए।
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सीईओ ने प्रतीक इंफ्रा प्रोजेक्ट, आरजी रेजीडेंसी, अजनारा, आईआईटीएल निबंस समेत कई बिल्डर परियोजनाओं की समीक्षा की। इस दौरान सीईओ ने एओए को रखरखाव फंड नहीं देने वाले बिल्डरों की बिना बिकी संपत्ति सील कर कब्जे में लेने के निर्देश दिए। साथ ही, दो से तीन ग्रुप में बिल्डरों को बुलाकर बायर्स की समस्याओं का निस्तारण कराने को कहा। सेक्टर-74 स्थित अजनारा बिल्डर को निर्देशित करने के लिए सीईओ ने अधिकारियों को कहा कि एक सप्ताह में परियोजना को पूर्ण रूप से एओए को हैंडओवर करने दें। ऐसा न करने पर कार्रवाई होगी।
वहीं, कलरफुल इस्टेट सेक्टर-78 में स्वीकृत नक्शे के अलावा जो भी निर्माण कराए गए हैं उन सभी का स्थलीय निरीक्षण किया जाए। बिल्डर की ओर से पार्किंग की समस्या का समाधान न करने और निर्देशों का पालन न करने पर 27 बिना बिके फ्लैट सील कर दिए जाएं। रानी प्रमोटर्स सेक्टर-143बी के साथ रखरखाव फंड और डीजी सेट व अन्य सुविधाओं के लिए 3 मार्च तक बैठक करें। सेक्टर-93ए स्थित पूर्वांचल सिल्वर सिटी में बने आठ टावरों में एक सीढ़ी होने के कारण टावरों को फायर सेफ्टी प्रमाणपत्र का नवीनीकरण नहीं हो पाया है। ऐसे में सीईओ ने नियोजन विभाग को निर्देश दिए कि परियोजना का निरीक्षण कर एक सप्ताह में रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।
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सेक्टर-76 जेएम हाउसिंग की समस्याएं बिल्डर व एओए के साथ बैठक कर हल कराएं। सेक्टर-121 में एजीसी रियलिटी में बचे हुए फंड को एओए को दिलवाया जाए। सेक्टर-76 स्काईटेक, रानी प्रमोटर्स, एम्स मैक्स गार्डेनिया, वैल्यूएंट इंफा सिविटेक आदि बिल्डरों और एओए के बीच विवाद को दूर कराया जाए। इसके अलावा जो समस्याएं हैं उन्हें भी हल कराया जाए। इस मौके पर प्राधिकरण के आला अधिकारी मौजूद रहे।
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