धर्मशाला। नगर निगम धर्मशाला में बिजली लाइनों को भूमिगत करने का कार्य स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत किया जा रहा है। लेकिन इस परियोजना को लेकर धर्मशाला स्मार्ट सिटी प्रबंधन और राज्य बिजली बोर्ड आमने-सामने आ गए हैं। स्मार्ट सिटी प्रबंधन ने यह कार्य राज्य बिजली बोर्ड को सौंपा था। कोतवाली बाजार स्थित गांधी वाटिका से लेकर स्कूल शिक्षा बोर्ड धर्मशाला परिसर तक लगभग तीन किलोमीटर क्षेत्र में सड़क के दोनों ओर बिजली लाइनों को भूमिगत किया जाना है।
इस परियोजना पर करीब 17.21 करोड़ रुपये व्यय होने हैं, लेकिन अब तक बिजली बोर्ड को स्मार्ट सिटी प्रबंधन से केवल 13.50 करोड़ रुपये ही मिले हैं। करीब 3.71 करोड़ रुपये की राशि अभी बकाया है। बिजली बोर्ड ने यह कार्य टेंडर प्रक्रिया के माध्यम से एक ठेकेदार को सौंपा है। बोर्ड पहले से किए गए कार्य का भुगतान ठेकेदार को कर चुका है, लेकिन अब ठेकेदार अतिरिक्त भुगतान की मांग कर रहा है। बोर्ड पूरी रकम खर्च कर चुका है और अब बजट की कमी के कारण भुगतान नहीं हो पा रहा है, जिससे कार्य ठप पड़ा है। वहीं, स्मार्ट सिटी प्रबंधन का कहना है कि वे अनुबंध के अनुसार बिजली बोर्ड को पूरी राशि का भुगतान कर चुका है।
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भूमिगत डक्ट में टेलीकॉम कंपनियों की केबल, बढ़ा खतरा
स्मार्ट सिटी प्रबंधन ने कोतवाली बाजार से स्कूल शिक्षा बोर्ड परिसर तक सड़क के दोनों ओर सर्विस कॉरिडोर बनाया है। स्वीकृत नक्शे के अनुसार, इस कॉरिडोर में पानी की निकासी और विद्युत लाइनों के लिए अलग-अलग डेडिकेटिड डक्ट बनाए गए हैं। लेकिन निजी टेलीकॉम कंपनियों ने बिजली लाइनों के लिए बने इन डक्ट में अपनी केबल डाल दी हैं। इसके अलावा, बरसाती पानी और पेयजल पाइपें भी इन्हीं डक्ट से गुजर रही हैं। इससे शॉर्ट सर्किट का खतरा बढ़ गया है। बरसात के दौरान अगर पानी डक्ट में भर गया, तो यह हादसे का कारण बन सकता है, क्योंकि इन कॉरिडोर पर लोहे के एंगल के जाले बिछाए गए हैं।
कोट्स:
कोतवाली बाजार से स्कूल शिक्षा बोर्ड धर्मशाला परिसर तक करीब तीन किलोमीटर क्षेत्र में बिजली लाइन को भूमिगत किया जाना है। इस प्रोजेक्ट पर करीब 17.21 करोड़ रुपये व्यय होने हैं। लेकिन अभी तक स्मार्ट सिटी प्रबंधन से बिजली बोर्ड को महज 13.50 करोड़ रुपये ही प्राप्त हुए हैं। जबकि 3.71 करोड़ रुपये बकाया राशि है।
-विकास ठाकुर, अधिशासी अभियंता, बिजली बोर्ड धर्मशाला
कोट्स-
कोतवाली बाजार से स्कूल शिक्षा बोर्ड धर्मशाला परिसर तक करीब बिजली लाइन को भूमिगत करने का कार्य स्मार्ट सिटी प्रबंधन ने बिजली बोर्ड को सौंपा हुआ है। स्मार्ट सिटी प्रबंधन की ओर से बिजली बोर्ड को पूरा भुगतान किया जा चुका है।
-जफर इकबाल, सीईओ, धर्मशाला स्मार्ट सिटी प्रबंधन