तावडू। उपमंडल की सीमा से जा रहे केएमपी एक्सप्रेसवे पर गांव पढेनी में मंगलवार रात वृंदावन बांके बिहारी के दर्शन कर लौट रहे 9 श्रद्धालुओं की एक गाड़ी दुर्घटना का शिकार हो गई। इस दुर्घटना में दो महिला श्रद्धालुओं की मौत हो गई, 6 घायल हो गए। जिन्हें उपचार के लिए तावडू के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया जबकि गंभीर रूप से घायल एक महिला को हायर सेंटर के रेफर किया गया है। वहीं, तावडू सदर थाना पुलिस ने अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर मृतकों के शवों का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है।
कृष्णा कॉलोनी थाना सब्जी मंडी रोहतक निवासी सोमनाथ ने बताया कि वह दोस्त की क्रूजर मैक्स गाड़ी में अपने रिश्तेदारों और नजदीकियों को लेकर रोहतक से बांके बिहारी के दर्शन करने के लिए वृंदावन गया था। गाड़ी में उनके साथ रोहतक निवासी कपिल उसकी मां सुनीता, लक्ष्मी, श्याम सुंदर, पुष्पा, अन्नु, निरमल, कान्ता सहित कुल 9 लोग सवार थे। वह स्वयं गाड़ी चला रहा था। मंगलवार रात वह वृंदावन से दर्शन करके वापस घर लौट रहे थे। 8:15 बजे के करीब कुंडली मानेसर पलवल एक्सप्रेसवे पर गांव पढेनी के नजदीक पहुंचे तो पीछे से बड़ी तेज गति और लापरवाही से आ रहे एक कंटेनर ने उनकी गाड़ी को सीधी टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि उनकी गाड़ी उछलकर मार्ग के साथ लगी लोहे की रेलिंग में जा टकराई। गाड़ी में सवार सभी लोग चोटिल हो गए। इसी दौरान एक और गाड़ी उनकी गाड़ी से आ टकराई जिसका चालक भी घायल हो गया। हादसे के बाद कंटेनर चालक अपने वाहन को छोड़कर मौके से फरार हो गया। वहीं स्थानीय और राहगीरों की मदद से सभी घायलों को तावडू के ग्लोबल अस्पताल में लाया गया। चालक ने बताया कि गंभीर रूप से घायल सुनीता और लक्ष्मी ने अस्पताल ले जाने के दौरान रास्ते में ही दम तोड़ दिया, जबकि एक और गंभीर रूप से घायल पुष्पा को हायर सेंटर के लिए रेफर कर दिया।
कंटेनर चालक पर केस दर्ज
जांच अधिकारी एएसआई मोहन ने बताया कि इस भीषण हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। अज्ञात कंटेनर चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मृतक सुनीता(55) और लक्ष्मी (56) के शवों का पोस्टमार्टम करवा कर परिजनों को सौंप दिया है।
धार्मिक आस्था वाली थीं मां
मृतका सुनीता के इकलौते पुत्र कपिल ने बताया कि उनकी मां बहुत ज्यादा धार्मिक आस्था वाली थी। वह उन्हें हर साल वृंदावन बांके बिहारी के दर्शन के लिए लेकर जाते थे। घटना ने उनके परिवार को झकझोर कर दिया है। उनके बच्चे दादी को बार-बार याद कर परेशान हो रहे हैं।