दो महीने से फ्लैट में रह रही थीं
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि दोनों नाइजीरियन महिलाएं करीब दो महीने से सेक्टर ओमिक्रॉन स्थित फ्लैट में रह रही थीं। बताया जा रहा है कि दोनों के लिए फ्लैट एक महिला ने किराए पर लिया था। एटीएस की छापेमारी के दौरान वह महिला मौके से फरार हो गई। उसके फरार होने के बाद जांच एजेंसी का शक और गहरा गया है। एटीएस अब फरार महिला की तलाश में जुटी है। जांच एजेंसी यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि फ्लैट किसके नाम पर किराए पर लिया गया था और दोनों विदेशी महिलाओं को ग्रेटर नोएडा तक कौन लेकर आया था। पुलिस और एटीएस फ्लैट के किरायेदारी से जुड़े दस्तावेज, स्थानीय संपर्क और आरोपियों के नेटवर्क की जानकारी जुटा रही हैं।
ड्रग्स नेटवर्क की कड़ियां खंगाल रही एटीएस
एटीएस को आशंका है कि बरामद मेथामफेटामाइन किसी बड़े ड्रग्स नेटवर्क का हिस्सा हो सकती है। दोनों महिलाओं से पूछताछ के आधार पर नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने का प्रयास किया जाएगा। साथ ही यह पता लगाया जा रहा है कि बरामद मादक पदार्थ कहां से लाया गया था और इसकी सप्लाई कहां की जानी थी। फरार महिला की गिरफ्तारी के बाद मामले में कई और अहम जानकारियां सामने आने की उम्मीद है।
ट्रांजिट रिमांड मिलने के बाद मुंबई एटीएस दोनों महिलाओं को मुंबई ले गई है। अब वहां उनसे बांद्रा पूर्व में दर्ज मामले और ग्रेटर नोएडा से जुड़े ड्रग्स नेटवर्क के संबंध में विस्तृत पूछताछ की जाएगी। जांच एजेंसी दोनों मामलों के बीच कनेक्शन और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय मादक पदार्थ तस्करी के नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।