-कोर्सेज में एआई और डिजाइन टेक्नोलॉजी का इनपुट पढ़ेंगे छात्र,
-वर्तमान शैक्षणिक सत्र के लिए दाखिला प्रक्रिया निरंतर जारी
-मार्केट की जरूरत के लिए हिसाब से तैयार किए गए ये कोर्स
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। नेताजी सुभाष प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एनएसयूटी) में शैक्षणिक सत्र 2024-2025 से बीटेक और एमटेक स्तर पर दो नए पाठ्यक्रम शुरू करने जा रहा है। बीटेक में इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग (वीएलएसआई डिजाइन एंड टेक्नोलॉजी) और एमटेक इन इंटेलीजेंट सिस्टम प्रोग्राम शामिल है। आगामी शैक्षणिक सत्र 2024-25 में इन कोर्सेज में दाखिला लेने के लिए दाखिला प्रक्रिया जारी है। इन कोर्सेज को बाजार की जरूरतों के अनुसार तैयार किया गया है। इनमें छात्रों को एआई और डिजाइन टेक्नोलॉजी के इनपुट पढ़ने के अवसर मिलेंगे। बीटेक के इस पाठ्यक्रम में कुल 60 सीटें और एमटेक में 18 सीटें हैं।
एमटेक पाठ्यक्रम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और मशीन लर्निंग (एमएल) के अत्याधुनिक अनुप्रयोग प्रदान करेगा। पाठ्यक्रम छात्रों को उद्योग के लिए उपयोगी नवीनतम एआई व इंस्ट्रुमेंटेशन उपकरण प्रदान करेगा किया है। एनएसयूटी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जिस तेजी से एआई अपना विस्तार कर रहा है। ऐसे में छात्र मौजूदा बाजार की जरूरत के हिसाब से तैयार होंगे। इसमें छात्र 1 वर्ष का अनुसंधान आधारित प्रोजेक्ट भी करेंगे। जिससे छात्रों की एआई पर आधारित समझ विकसित होगी। उन्होंने कहा कि एआई दुनिया के लिए अभी नया है। अब हर कार्य एआई के जरिए करने की प्रयास किए जा रहे हैं। ऐसे में यह पाठ्यक्रम छात्रों के भविष्य में बेहतर अवसर प्रदान करेगा। साथ ही, बीटेक पाठ्यक्रम में छात्र चिप बनाने से लेकर उन्हें डिजाइन करना लैब में सिखाया जाएगा।
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सेमीकंडक्टर से जुड़ी तकनीक सीखेंगे छात्र
उन्होंने कहा कि इसमें छात्र सेमीकंडक्टर से जुड़ी तकनीक सीखेंगे। इसके लिए यूनिवर्सिटी में मौजूदा सात संकाय सदस्यों ने 500 से अधिक शोध पत्र प्रकाशित किए हैं, जिनमें लगभग 30 पीएचडी छात्र वीएलएसआई डोमेन में स्नातक हैं। छात्र इन पाठ्यक्रमों की अधिक जानकारी यूनिवर्सिटी की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ले सकते हैं।
वर्जन
बाजार की मांग को देखते हुए छात्रों के लिए इन पाठ्यक्रमों को तैयार किया गया है। इन पाठ्यक्रमों के लिए प्रयोगशाला की भी व्यवस्था होगी। इससे छात्र यहां अपनी प्रैक्टिकल शिक्षा भी ग्रहण कर सकते हैं। मौजूदा दौर एआई का है, ऐसे में छात्र इससे वंचित न रहे, इसके लिए इन पाठ्यक्रमों को डिजाइन किया है।
-प्रो. आनंद श्रीवास्तव, कुलपति, एनएसयूटी