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80 लाख रुपये गबन के आरोप में बिजली निगम के दो कर्मी बर्खास्त

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नोएडा /बुलंदशहर। विद्युत निगम ने 80 लाख रुपये के गबन करने के आरोप में नोएडा में तैनात रह चुके टीजी-2 प्रभारी और एक क्लर्क को बर्खास्त कर दिया है। इन दोनों पर उपभोक्ताओं से पैसे लेकर निगम के खाते में जमा नहीं कराने का आरोप है। टीजी-2 प्रभारी सत्येंद्र और हेड क्लर्क गोविंद पाठक नोएडा के प्रथम खंड में तैनात थे। बाद में गोविंद पाठक को बुुलंदशहर के चीफ इंजीनियर कार्यालय में अटैच कर दिया गया था। वह वहां हेड कैशियर था।
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जानकारी के मुताबिक मार्च 2021 में नोएडा के एक खंड में कैशियर ने उपभोक्ताओं से लिए गए 80 लाख रुपये के बिल सरकारी खाते में जमा नहीं किए थे। पहले तो अधिकारी इसे दबाते रहे, लेकिन जब मामला हाथ से निकला तो जनवरी 2022 में आरोपी कैशियर सत्येंद्र के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। हेड कैशियर गोविंद पाठक समेत अन्य कर्मचारी भी शक के घेरे में थे, लेकिन एफआईआर में केवल सत्येंद्र का नाम ही दर्ज कराया गया था। अब बिजली निगम के चेयरमैन एम देवराज ने गोविंद पाठक को बर्खास्त कर दिया है।
दोनों कर्मचारियों पर निगम की ओर से हुई कार्रवाई के बाद निगम में चर्चाओं का दौर जारी है। जानकारी के मुताबिक सेक्टर-25 स्थित एग्जीक्यूटिव इंजीनियर ऑफिस में दोनों कर्मचारी की तूती बोलती थी। किसी के बिल में गड़बड़ी का मामला हो या किसी प्रकरण को सुलझाना हो। इस तरह के सभी प्रकरणों का दोनों ही संभालते थे। गोविंद का पिछले दिनों सेक्टर-52 में मकान का क्षेत्र बढ़ाने को लेकर भी प्राधिकरण से विवाद हुआ था। मामले में प्राधिकरण ने उस मकान के बढ़ाए हुए हिस्से को तोड़ दिया था।
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बिना सूचना अनुपस्थित मिलने पर किया गया था सस्पेंड
बर्खास्त किए गए कर्मचारी गोविंद पाठक ने बताया कि सितंबर 2021 में उन्हें एमडी ने सस्पेंड किया था। आरोप लगाया गया था कि वह बिना अनुमति कार्यालय से अनुपस्थित रहे थे। गोविंद पाठक का कहना है कि उन्होंने छुट्टियों के लिए ऑनलाइन आवेदन किया हुआ था, लेकिन तत्कालीन एक्सईएन ने इस आवेदन पर कोई ध्यान नहीं दिया। जिसके चलते अभी भी छुट्टियों का आवेदन लंबित हैं।
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