विधानसभा में आप सरकार ने 54 विधायकों के मत से जीता विश्वास मत
विपक्ष ने साधा निशाना, कहा-ध्यान भटकाने की चल रही है कोशिश
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
विधानसभा में शनिवार को आप सरकार ने ध्वनि मत से विश्वास मत जीत लिया। सरकार के पक्ष में 54 विधायक खड़े हुए। आप के आठ विधायक विश्वास मत के दौरान गैर हाजिर रहे। इनमें दो विधायक जेल में हैं, जबकि दो बीमार व अन्य कारणों से सदन में उपस्थित नहीं हो पाए। एक दिन पहले ही मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सदन में विश्वास प्रस्ताव रखा था।
शनिवार को सदन में गोकलपुर से विधायक सुरेंद्र कुमार ने चर्चा शुरू करते हुए कहा कि आप के सभी विधायक के साथ हैं। कोई भी विधायक भाजपा के साथ जाने वाला नहीं है। कुलदीप कुमार ने कहा कि भाजपा की कोशिश कभी सफल नहीं हो सकती। इस प्रस्ताव का विरोध करते हुए नेता विपक्ष रामवीर सिंह बिधूड़ी ने कहा कि यह केवल ध्यान भटकाने की कोशिश है। मुख्यमंत्री को अपने ऊपर लगने वाले भ्रष्टाचार पर जवाब देना चाहिए। वहीं, इस विषय पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली के दो करोड़ लोग और आप के विधायक मेरी ताकत हैं। यह यदि मेरे साथ रहते हैं तो मैं किसी भी विपदा से लड़ सकता हूं। देश में भाजपा को केवल आप से खतरा है। अगर 2024 में भाजपा लोकसभा चुनाव नहीं हारी, तो 2029 के चुनाव में आप देश को भाजपा से मुक्ति दिलाएगी। भाजपा मुझे गिरफ्तार करने का सपना देख रही है। दस सालों में आप लोगों के विश्वास के सहारे देश की तीसरी सबसे बड़ी पार्टी बन गई है। दिल्ली और पंजाब में बहुमत की सरकार है। गुजरात और गोवा में भी विधायक हैं। आम आदमी पार्टी मात्र 12 साल पहले बनी है। सदन में पेश हुए इस विश्वास प्रस्ताव का पूरी तरह से समर्थन करता हूं। हमारे पास कुल 62 विधायक हैं। आज इस सदन में हमारे 54 विधायक मौजूद है। दो बीमार व तीन शहर से बाहर हैं, जबकि मनीष सिसोदिया व सत्येंद्र जैन जेल में हैं। एक विधायक के यहां शादी है।
आप को खत्म करना चाहती है भाजपा
केजरीवाल ने कहा कि भाजपा हमें खत्म करना चाहती है। हमारी सरकार में आने के बाद इन्होंने हमें बहुत तंग किया, काम ही नहीं करने दिया। पांच साल के बाद इन्हें उम्मीद थी कि अब 2020 में आप की सरकार नहीं बनने देंगे, लेकिन हमने 70 में से 62 सीटें जीतीं और भाजपा केवल 8 सीटों पर सिमट गई। 2019 में ये लोग 303 सीट के भारी बहुमत के साथ केंद्र की सत्ता में आए, लेकिन दिल्ली में हार गए। हमें रोकने के लिए सब कुछ किया, कोई कसर नहीं छोड़ी।
दिल्लीवालों को दे रहे बेहतर सुविधाएं
केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली में मुफ्त बिजली, पानी व बसों में सफर की सुविधाएं दे रहे हैं। अस्पताल में बेहतर इलाज, मोहल्ला क्लीनिक की सुविधा दी गई है, लेकिन एलजी ने सेवा विभाग को हाथ में रखकर हमारे काम को रोकने के लिए रोज नई कोशिश की। भाजपा ने अफसरों को धमकाकर सरकारी अस्पतालों की दवाइयां बंद करवा दीं। टेस्ट बंद करवा दिए। पिछले साल तीन महीने तक मरीजों के टेस्ट नहीं हो पाए। हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी वित्त विभाग ने जल बोर्ड को पैसा नहीं दिया। गलत बिलों को लेकर प्रस्ताव लेकर आए। उसे भी लागू नहीं होने दे रहे हैं।