नोएडा। थाईलैंड-काठमांडू के रास्ते चीन के दो नागरिक देश में अवैध तरीके से घुस गए। दोनों 24 मई से 10 जून तक नोएडा में अपने दोस्त के फ्लैट पर रुके थे। इस दौरान न नोएडा पुलिस को पता चला और ना ही खुफिया विभाग को इसकी जानकारी मिली। वापसी के दौरान 11 जून को बिहार में नेपाल बॉर्डर पर दोनों पकड़े गए। सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) पूछताछ में पूरे मामले का खुलासा हुआ। जिसके बाद पूरे प्रकरण की जांच शुरू कर दी गई है। दोनों के पास कोई अधिकृत दस्तावेज नहीं थे। प्राथमिक जांच से ऐसा लग रहा है कि दोनों वित्तीय जालसाजी में संलिप्त हैं। पुलिस कमिश्नर आलोक सिंह का कहना है कि इस मामले में इंटेलिजेंस से जानकारी ली जा रही है। पुलिस की टीम मामले की जांच कर रही है।
बिहार के सीतामढ़ी जिले में भारत-नेपाल सीमा पर सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के जवानों ने शनिवार को चीन के दो नागरिकों को दबोच लिया। पूछताछ में दोनों ने अपना नाम लू लैंग (30) और यूं हेलंग (34) नाम बताया। एसएसबी की पूछताछ में पता चला कि 23 मई को दोनों थाईलैंड के रास्ते काठमांडू आ गए थे। वहां से 24 मई कोरा से भारतीय सीमा में प्रवेश कर गए। भारतीय सीमा में प्रवेश करने के बाद टैक्सी से सीधे नोएडा चले आए। यहां अपने मित्र के पास 10 जून तक रहे। बताया जाता है कि नोएडा की एक सोसाइटी में दोनों का दोस्त रहता है। हालांकि अभी इसकी अधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। चीन वापस जाने के लिए दोनों ने बिहार के सीतामढ़ी जिले के बॉर्डर को चुना था। यहां से नेपाल होते हुए चीन जाने की फिराक में थे।
बॉर्डर पर एसएसबी ने दोनों को दबोच लिया। जानकारी के मुताबिक दोनों के पास कोई अधिकृत दस्तावेज नहीं थे। उनके पास से बरामद मोबाइल की प्राथमिक जांच से ऐसा लग रहा है कि दोनों वित्तीय जालसाजी में संलिप्त हैं। इस मामले में नोएडा में अपने दोस्त के फ्लैट में रहने की बात सामने आने के बाद नोएडा कमिश्नरेट पुलिस अलर्ट है। हालांकि इतने दिन तक नोएडा में रहने पर पुलिस व खुफिया एजेंसियों को पता नहीं चला।
12 दिन तक जेपी ग्रीन्स सोसाइटी में रुके थे दोनों, गोल्फ भी खेला
ग्रेटर नोएडा। भारत-नेपाल बॉर्डर पर पकड़े गए चीन के दोनों नागरिक ग्रेटर नोएडा की पाश सोसाइटी जेपी ग्रीन्स में 12 दिन रुके थे। आरोपी अपने दोस्त कैरी के फ्लैट में रहते थे। उन्होंने यहां गोल्फ भी खेला था। फिलहाल पुलिस आरोपी और उसके दोस्त के संबंध में जानकारी जुटा रही है। पुलिस सोसाइटी और गोल्फ कोर्स के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक आरोपी बिना वीजा के रुके थे। जानकारी मिली है कि कैरी ने जेपी ग्रीन्स में नवंबर 2021 में फ्लैट लिया था। पुलिस कैरी की गतिविधियाें की जानकारी जुटा रही है। बीटा-2 थाना प्रभारी अनिल राजपूत का कहना है कि नेपाल बॉर्डर पर पकड़े गए दोनों विदेशियों के जेपी ग्रीन्स में रहने की सूचना मिलने के बाद जांच पड़ताल शुरू कर दी गई है। उनका दोस्त कैरी फ्लैट पर नहीं मिला है। ब्यूरो