प्रदूषण फैलाने पर दो बिल्डरों पर लगाया दस लाख का जुर्माना
ग्रेटर नोएडा। प्रदूषण फैलाने पर ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने शुक्रवार को दो बिल्डरों पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। दोनों बिल्डर साइट व निर्माण सामग्री बिना ढके निर्माण कार्य चला रहे थे। इस पर प्राधिकरण ने यह कार्रवाई की।
दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण को रोकने के लिए ग्रेडेड रेस्पोंस एक्शन प्लान (ग्रेप) को 15 अक्तूूबर से लागू कर दिया गया है। ग्रेप का सख्ती से पालन कराने के लिए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने शहर को आठ जोन में बांटा है। प्राधिकरण के सीईओ नरेंद्र भूषण ने बताया कि बढ़ते प्रदूषण को रोकने के लिए निर्माणाधीन साइटों का औचक निरीक्षण किया जा रहा है। ओएसडी शिव प्रताप शुक्ल ने टीम के साथ औचक निरीक्षण किया। इस दौरान टेकजोन-फोर में भूटानी इंफ्राटेक के प्रोजेक्ट पर निर्माण कार्य चल रहा था। वहां एनजीटी के नियमों की अनदेखी करते हुए निर्माण सामग्री सड़क पर बिना ढके रखी हुई थी। ऐसे में पांच लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया। इसी तरह सेक्टर-4 में एच एंड एस बिल्डर ऑफ बुलेवार्ड वॉक पर एनजीटी के नियमों का उल्लंघन होते मिला, बिल्डर ने साइट को ढककर नहीं कर रखा था। इस पर भी पांच लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
6 नवंबर से सिर्फ मशीन से सफाई
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने बढ़ते प्रदूषण को रोकने के लिए छह नवंबर को मेकेनिकल स्वीपिंग मशीनों से ही सड़कों की सफाई कराने का निर्णय लिया है। वहीं, ग्रेटर नोएडा वेस्ट क्षेत्र के 120 मीटर चौड़ी सड़क, पुलिस लाइन से गाजियाबाद के प्रताप विहार के पास स्थित प्रवेश द्वार तक सड़कों की सफाई मेकेनिकल स्वीपिंग मशीन से कराई गई। इसके अलावा सेक्टर-एक, दो, तीन, टेकजोन-चार, सात, नॉलेज पार्क दो, तीन व पांच, सेक्टर-16 आदि क्षेत्रों में धूल उड़ने से रोकने के लिए पानी का छिड़काव कराया गया।