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सोसाइटी की सुरक्षा के लिए तीन सेकेंड के अंतर पर गिरेंगे ट्विन टावर

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नोएडा (मनोज कुमार)। सुपरटेक के सेक्टर-93ए स्थित ट्विन टावर सियान व एपेक्स को गिराने की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। एमराल्ड कोर्ट सोसाइटी को सुरक्षित रखने के लिए सबसे पहले सियान में धमाका कर चार सेकेंड में गिराया जाएगा। इसके तीन सेकेंड के बाद एपेक्स को गिराया जाएगा। एपेक्स को इस तरह से गिराया जाएगा जिससे यह तीन मीटर तक झुक जाए। वहीं, भवन से 200 मीटर दूर से इलेक्ट्रिक डिवाइस (रिमोट) का बटन दबाकर विस्फोट कराया जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि 25 फरवरी को साउथ अफ्रीका के विशेषज्ञों की टीम निरीक्षण करने ट्विन टावर परिसर में पहुंचेगी। यहां पर इंजीनियरों के साथ दो दिन तक बारीकी से जांच की गई। एमराल्ड कोर्ट को किसी तरह का नुकसान न हो इसके लिए सियान को पहले गिराया जाएगा। चार सेकेंड में सियान को गिराने का काम किया जाएगा, सातवें सेकेंड में एपेक्स को गिराने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। दोनों के समय में तीन सेकेंड का अंतर रहेगा। यह अंतर ही एमराल्ड कोर्ट सोसाइटी को नुकसान होने से बचाएगा। टावरों के अंदर पिलर और लिफ्ट के पिलर के अलावा बीम में विस्फोटक लगाए जाएंगे। इन्हें वी आकार में काटकर फंसाया जाएगा।
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चार राज्यों से आएंगे 500 श्रमिक
ट्विन टावर को ध्वस्त करने से पहले सभी दीवारों को तोड़ने का काम तेजी से शुरू कर दिया गया है। मंगलवार तक करीब 200 श्रमिक काम कर रहे थे, जबकि इसी सप्ताह श्रमिकों की संख्या 500 से अधिक हो जाएगी। यह श्रमिक यूपी, बिहार, झारखंड व पश्चिम बंगाल से आएंगे। श्रमिकों को पूरे सुरक्षा उपायों के साथ ही भवन में प्रवेश दिया जाएगा। एडिफिस के मैनेजर और दो इंजीनियर मौके पर काम कराने में जुटे हुए हैं।
25 फरवरी को दक्षिण अफ्रीका से 8 विशेषज्ञों की आएगी टीम
टिवन टावरों को गिराने के लिए दक्षिण अफ्रीका से 8 विशेषज्ञों को बुलाया जाना है। यह टीम बृहस्पतिवार तक आकर काम शुरू कर देगी। सबसे पहले विदेशी विशेषज्ञ बिल्डिंग का निरीक्षण करेंगे और फिर विस्फोट करने का डिजाइन इंजीनियरों को बताएंगे। इसके बाद ही विस्फोटकों के लिए पिलर में जगह बनाई जाएगी। इस कार्य में करीब 20 से 25 दिन लगेंगे।
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बढ़ सकती है ट्विन टावर को गिराने की समयावधि
प्राधिकरण ने सुप्रीम कोर्ट को दिए हलफनामे में टावर तोड़ने का दिन 22 मई तय किया है, लेकिन इंजीनियरों ने मौके पर पहुंचकर एक रिपोर्ट कंपनी को दी है। इसमें अंदेशा जताया है कि काम अधिक व कम जगह होने से व्यवस्था बनाने में ज्यादा समय लग सकता है। इससे ट्विन टावर को गिराने का समय बढ़ाया भी जा सकता है। हालांकि , कंपनी की ओर से पूरा प्रयास है कि तय तिथि पर टावर गिरा दिए जाएं। यदि कुछ दिक्कत आएगी तो अदालत के समक्ष अपील की जाएगी।
निरीक्षण करने पहुंची बीएसएनएल की टीम
मंगलवार को भारत दूर संचार निगम (बीएसएनएल) के एसडीओ समेत कई अधिकारियों ने ट्विन टावर का दौरा किया। अधिकारियों ने बताया कि सुपरटेक की तरफ से उन्हें सूचना दी गई थी कि टावरों को ध्वस्त करने के दौरान निगम की लाइनें क्षतिग्रस्त हो सकती हैं। यदि ऐसा है तो उसे बचाने के उपयुक्त इंतजाम कर लिए जाएं। यदि लाइन क्षतिग्रस्त होती है तो मरम्मत करने के लिए भी अपनी टीम आदि तैयार कर ली जाए। इसे लेकर अधिकारियों ने निरीक्षण किया।
300 मीटर तक किसी को आने की नहीं होगी अनुमति
एडिफिस के अधिकारियों ने बताया कि ट्विन टावर को गिराने के लिए 22 मई तय है। इस दिन करीब तीन सौ मीटर क्षेत्र में किसी भी व्यक्ति को आने की अनुमति नहीं होगी। सोसाइटी के लोगों को तीन से चार घंटे के लिए विस्फोट करने से पहले ही दूसरे स्थान पर भेज दिया जाएगा। इसकी जिम्मेदारी प्राधिकरण अधिकारियों की होगी कि वह उक्त घरों में रहने वाले लोगों को कहां पर लेकर जाएं। विस्फोट के तीन से चार घंटे बाद उन्हें वापस आने की अनुमति रहेगी। वहीं, ट्विन टावर को नजदीक से ध्वस्त होते देखने की हसरत लोगों की पूरी नहीं होगी। आसपास की सोसाइटियों की छत आदि पर भी किसी को नहीं जाने दिया जाएगा। दूर से ही लोग ट्विन टावर को गिरते देख सकेंगे।
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