छह विदेशी विशेषज्ञ और 10 लोकल ब्लास्टर लगा रहे विस्फोटक
एडिफिस इंजीनियरिंग के पार्टनर उत्कर्ष मेहता ने बताया कि छह दक्षिण अफ्रीकी विशेषज्ञों के अलावा 10 लोकल ब्लास्टर मिलकर विस्फोटक लगा रहे हैं। इसके अलावा 30 मजदूर शामिल हैं। इनके अलावा किसी अन्य के टावर में प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। विस्फोटक ऊपर ले जाने का काम केवल ब्लास्टर करेंगे। ऊपर से नीचे की ओर विस्फोटक लगाने का काम हो रहा है। जैसे-जैसे विस्फोटक लगाने का काम होता रहेगा। वैसे-वैसे लिफ्ट हटाने का काम होगा।
शॉक ट्यूब सिस्टम से सात से नौ सेकेंड में ढह जाएंगे टावर
ट्विन टावर को शॉक ट्यूब सिस्टम से गिराया जाएगा। इसमें जितने भी विस्फोटक लगाए जा रहे हैं। उनको तार से जोड़ा जाएगा। इसे रिमोट के जरिए कंट्रोल किया जाएगा। रिमोट के जरिए ही ब्लास्ट किया जाएगा। विस्फोट के बाद इमारत धीरे-धीरे नीचे आएगी और उसी जगह पर धराशायी हो जाएगी। हालांकि इसमें केवल सात से नौ सेकेंड लगेंगे।
स्ट्रक्चरल एनालिसिस की रिपोर्ट सीबीआरआई को सौंपी
एडिफिस इंजीनियरिंग ने शनिवार को सेंट्रल बिल्डिंग रिसर्च इंस्टिट्यूट (सीबीआरआई) को स्ट्रक्चरल एनालिसिस की रिपोर्ट सौंप दी। सीबीआरआई की ओर से इसकी मांग की गई थी। इसमें ब्लास्ट के अलावा इमारत के स्ट्रक्चर से जुड़ी सभी जानकारियां शामिल हैं। हालांकि अभी सुपरटेक को 15 अगस्त तक स्ट्रक्चरल ऑडिट की रिपोर्ट सौंपनी बाकी है। संभव है कि कल तक सुपरटेक यह दस्तावेज सीबीआरआई को सौंप दे। इन सभी दस्तावेजों का अध्ययन करने के बाद सीबीआरआई की ओर से भी कुछ सुझाव दिए जा सकते हैं।
ट्विन टावर ब्लास्ट फैक्ट फाइल
7000 लोगों को खाली करना होगा घर
50 मीटर के दायरे में सुरक्षा होगी कड़ी
100 मीटर के दायरे में कोई भी नहीं होगा
3700 किलोग्राम विस्फोटक का होगा प्रयोग
30 मिनट के लिए बंद रहेगा एक्सप्रेसवे
28 अगस्त को होगा अंतिम ब्लास्ट
7 दिन का मिला है ग्रेस पीरियड