नोएडा। ट्विन टावर गिराने के मामले में 21 दिन का समय मांगने के बाद प्राधिकरण की परेशानी बढ़ गई है। अब प्राधिकरण सुप्रीम कोर्ट में तारीख से पहले अपना जवाब दाखिल करेगा। बुधवार को समीक्षा बैठक में विधि विभाग द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट पर आला अधिकारी दिनभर एजेंसी नहीं चयनित कर पाने का जवाब जवाब तलाशते रहे। सुपरटेक बिल्डर की ओर से एमराल्ड कोर्ट में अवैध तरीके से बनाए गए ट्विन टावर को गिराने के लिए 30 नवंबर तक मोहलत दी गई थी। टावर को गिराने की जिम्मेदारी भी सुपरटेक को ही दी गई थी। अब 90 दिन पूरे होने को है, लेकिन बिल्डर की ओर से ट्विन टावर को गिराने के लिए अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई है। जबकि, प्राधिकरण की ओर से लगातार बिल्डर पर एजेंसियों को नियुक्त करने का दबाव बनाया जाता रहा है।
20 नवंबर को बिल्डर की ओर से प्राधिकरण को पत्र भेजकर 21 दिन की मोहलत और मांगी गई है। इस पत्र के आने के बाद प्राधिकरण अधिकारियों की नींद उड़ गई। सुप्रीम कोर्ट नेे 30 नवंबर तक दोनों टावरों को गिराने का आदेश दिया था, लेकिन बिल्डर ने ऐन वक्त पर और मोहलत मांग ली है। उधर, सुप्रीम कोर्ट में 26 तारीख को सुनवाई है। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर प्राधिकरण ने एक रिपोर्ट तैयार की है। बुधवार को कई आला अधिकारियों ने इस रिपोर्ट पर मंथन किया। इसमें विधि अधिकारियों को भी शामिल किया गया था। अब अधिकारियों की योजना है कि 26 नवंबर को सुनवाई है, लेकिन तारीख से पहले ही रिपोर्ट अदालत में दाखिल कर दी जाएगी। एक अधिकारी ने बताया कि बिल्डर की ओर से टावरों को गिराने के लिए एजेंसी का चयन न करना लापरवाही है। जबकि, प्राधिकरण समय-समय पर बिल्डर के साथ बैठक करना चाहता था, लेकिन बिल्डर की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।