ट्विन टावर का गिरना नोएडा वासियों के लिए ऐतिहासिक घटना है, लेकिन देश-दुनिया में पहले भी ऐसी कई घटनाएं हो चुकी हैं। दुनिया में अब तक जो सबसे बड़ी इमारत गिराई गई है वह संयुक्त अरब अमीरात की मीना प्लाजा है। 168.5 मीटर की इमारत मात्र 10 सेकेंड में गिरा दी गई थी। हालांकि, सबसे बड़े गिरे ढांचे की बात करें तो वह दक्षिण अफ्रीका का एक पावर प्लांट था। वहीं अब तक देश में केरल में एक जगह चार आवासीय टावरों को एक साथ ध्वस्त किया गया है।
देश-दुनिया में कहीं आर्थिक कारणों तो कभी बनावट में दिक्कतों आदि की वजह से इमारतों को गिराया गया। अब तक दुनिया में 50 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले करीब 200 टावरों को ध्वस्त किया गया है। मीना प्लाजा ऐसी इमारत थी जो कभी पूरी ही नहीं हो सकी। मीना प्लाजा के बनने की शुरुआत 2007 में हुई थी। इसे अलग-अलग निवेशकों ने मिलकर शुरू किया, लेकिन 2012 में अंदरूनी झगड़ों के कारण काम को बीच में ही रोकना पड़ा।
किसी तरह सुलह समझौतों के बाद 2015 में काम दोबारा शुरू हुआ, लेकिन पूरा ना हो सका। इसके बाद सरकार 2020 में इसे अपने अधीन लेकर गिरवा दिया, ताकि दूसरे निर्माण कार्य किए जा सकें। 2020 में गिरी यह इमारत अब तक गिराई गई सबसे बड़ी इमारत है। यदि सबसे बड़े गिराए गए ढांचे की बात करें तो वह दक्षिण अफ्रीका के म्युमलंगा प्रांत में बना एक पावर प्लांट था। इसे क्षतिग्रस्त होने के कारण सरकार ने गिराने का निर्देश दिया।
अब तक ध्वस्त इमारतें
| इमारत |
देश |
ऊंचाई (मीटर में) |
कारण |
| मीना प्लाजा |
संयुक्त अरब अमीरात |
168.5 |
अधूरा निर्माण |
| जेएल हडसन |
यूएस |
134 |
मालिकों का दिवालिया होना |
| लैंड मार्ट |
यूएस |
120 |
भवन का क्षतिग्रस्त होना |
| जिन हुआ बिल्डिंग |
चीन |
118 |
फिर से निर्माण |
| एफी टुर्म |
जर्मनी |
116 |
फिर से निर्माण |
| ओएसिन टॉवर |
यूएस |
115 |
क्षतिग्रस्त होना |
| लैंड मार्क होटल |
लास वेगस |
111 |
कन्वेंशन सेंटर निर्माण के लिए |
| विल्सन मेंडस |
ब्राजील |
110 |
मेट्रो स्टेशन के निर्माण के लिए |
| चौंकिंग पैसेंजर |
चीन |
110 |
रावेल सिटी का रास्ता बनाने को |
| स्टार डस्ट रिसोर्ट |
यूएस |
108 |
आग के कारण भवन क्षतिग्रस्त |
केरल में तोड़े थे चार टावर
अब तक देश में एक जगह चार आवासीय टावरों को एक साथ ध्वस्त किया गया है। ये टावर केरल के मराडु में थे। इनमें से तीन की ऊंचाई 17 मंजिल और एक की ऊंचाई 19 मंजिल थी। इस इमारत को गिराने की जिम्मेदारी भी नोएडा में ट्विन टावर गिरा रही कंपनी को मिली थी।
सबसे पहले गिरी थी विल्सन मेंडस
दुनिया में सबसे पहले आधिकारिक तौर पर तोड़ी गई बड़ी इमारतों में ब्राजील की इमारत शामिल है। यहां वर्ष 1975 में विल्सन मेंडस 110 मीटर ऊंची इमारत को मेट्रो स्टेशन का रास्ता बनाने के लिए ध्वस्त किया था।
एक साल का सफर
- 31 अगस्त 2021 को सुप्रीम कोर्ट ने कड़ी टिप्पणी करते हुए सुपरटेक के दोनों टावरों को 30 नवंबर 2021 तक गिराने का आदेश दिया। तय समय पर काम पूरा नहीं हो पाया। एजेंसी नहीं मिलने की बात कोर्ट से बताई गई।
- तय समय में काम पूरा नहीं हो पाया तो सुप्रीम कोर्ट ने अपील के बाद 22 मई 2022 की नई समयसीमा तिथि। चयनित एजेंसी एडिफिस इंजीनियरिंग ने 20 फरवरी को साइट को कब्जे में लिया। पार्टनर की कंपनी जेट डिमोलिशन है।
- तैयारियों के बाद 10 अप्रैल को टेस्ट ब्लास्ट किया गया। इसका मकसद इमारत की मजबूती को परखना रहा।
- 22 मई तक काम पूरे नहीं होने पर आखिरकार 21 अगस्त को टावर गिराने का निर्णय लिया गया। इस बाबत सुप्रीम कोर्ट को भी अवगत कराया गया।
- विस्फोटक लाने की अनुमति नहीं मिलने पर एक बार फिर तिथि आगे बढ़ी कोर्ट ने 4 सितंबर तक की तिथि दी, लेकिन तैयारियों के बाद 28 अगस्त को ट्विन टावर गिराने का निर्णय लिया गया।