ट्विन टावर के आसपास के टावरों के बेसमेंट में मरम्मत का काम शनिवार तक ही पूरा हो पाएगा। प्राधिकरण की ओर से पूछे गए सवाल पर सुपरटेक बिल्डर ने यह जवाब दिया है। ऐसे में मजबूती की रिपोर्ट मिलने में वक्त लग सकता है। हालांकि, प्राधिकरण की सीईओ ने 28 अगस्त को ट्विन टावर के अंतिम ब्लास्ट की तैयारियों पर संतोष जताया है।
प्राधिकरण ने सुपरटेक से छह बिंदुओं पर जवाब मांगे थे। इसमें ट्विन टावर के 50 मीटर के दायरे में आने वाले एमराल्ड कोर्ट के बेसमेंट की मरम्मत, एमराल्ड कोर्ट व एटीएस विलेज की संरचनात्मक ऑडिट रिपोर्ट, बेसमेंट में अतिरिक्त तैयारियों के तहत आधार बनाने, एमराल्ड कोर्ट में बीम-स्लैब की मरम्मत और एस्टर-2 व 3 के ड्राइव-वे के निर्माण की बात शामिल है।
अब सुपरटेक ने जवाब दिया है कि 51 पिलरों की मरम्मत का काम 25 अगस्त तक पूरा हो गया। छह अतिरिक्त पिलरों की मरम्मत का काम 27 अगस्त तक होगा। इसके अलावा एमराल्ड कोर्ट और एटीएस विलेज के लिए संरचनात्मक ऑडिट का काम हो चुका है। इसे सेंट्रल बिल्डिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट को दे दिया गया। सीबीआरआई की ओर से कुछ और बेस बनाने को कहा गया है। यह काम शनिवार तक पूरा होगा। एस्टर-2 व 3 में नौ मीटर ड्राइव-वे का काम ब्लास्ट के एक माह बाद मलबा हटने के बाद किया जाएगा। इसके लिए एक कंस्ट्रक्शन एजेंसी का चयन किया जाएगा।
सीईओ ने किया निरीक्षण, सभी एजेंसियों के साथ की बैठक
प्राधिकरण की सीईओ रितु माहेश्वरी ने सभी एजेंसियों के साथ बृहस्पतिवार को एमराल्ड कोर्ट परिसर में बैठक की। इस दौरान प्रदूषण, फायर, पुलिस, एनडीआरएफ, प्राधिकरण, एडिफिस, सुपरटेक, सीबीआरआई, जेट डिमोलिशन समेत प्राधिकरण के अलग-अलग विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में तैयारियों का आकलन किया गया। सीईओ ने बताया कि सीबीआरआई की ओर से ट़्विटर टावर के आसपास की मजबूती की एक अंतिम रिपोर्ट लगानी है। इसके बाद ब्लास्ट के लिए हरी झंडी मिल जाएगी। तैयारियां सही चल रही हैं। 28 अगस्त को ट्विन टावर अंतिम ब्लास्ट के लिए तैयार हो जाएंगे।
80 हजार टन मलबा निकलने की बात आ रही सामने
बैठक में यह चर्चा हुई कि ट्विन टावर गिराने पर 80 हजार टन मलबा निकलेगा। इसमें से 50 से 55 हजार टन मलबा बेसमेंट में भरा जाएगा। इसके अलावा 20-25 हजार टन मलबा कंस्ट्रक्शन एंड डिमोलिशन साइट पर भेजा जाएगा। इससे टाइल्स आदि बनेंगी। कुछ मलबे को डंपिंग साइट भी भेजने की बात बताई जा रही है। चार हजार टन लोहा एडिफिस इंजीनियरिंग इस्तेमाल करेगा।
निषेध क्षेत्र में ट्रैफिक रहेगा पूरी तरह से बंद
एडिफिस इंजीनियरिंग की ओर से ट्विन टावर के आसपास 500 से 700 मीटर क्षेत्र में निषेध क्षेत्र बनाया गया है। इसके अलावा एक्सप्रेसवे को दोपहर दो बजे से तीन बजे तक बंद रखा जाएगा। मौके पर फायर टेंडर, ट्रैफिक पुलिस, एनडीआरएफ, मेडिकल की टीम भी मौजूद रहेगी।