नोएडा। साउथ अफ्रीका से आई विशेषज्ञों ने किया ट्विन टावर व एमराल्ड कोर्ट का निरीक्षण।
नोएडा। ट्विन टावर को ध्वस्त करने के लिए दक्षिण अफ्रीका के दो विशेषज्ञ इंजीनियर सेक्टर-93ए स्थित साइट पर शनिवार सुबह पहुंच गए। दोनों ने ट्विन टावर और एमराल्ड कोर्ट व एटीएस सोसाइटियों का निरीक्षण किया। इसके बाद टावर संबंधित पूरी जानकारी प्रोजेक्ट मैनेजर से लेकर तकनीकी रूप से काम शुरू कर दिया।
ट्विन टावर परिसर में प्रोजेक्ट मैनेजर मयूर मेहता के साथ दोनों विशेषज्ञों ने करीब दो घंटे तक जांच की। इसके बाद कितने पोल और बीम आदि हैं इसकी जानकारी भी जुटाई। अधिकारिक सूत्रों ने बताया कि दोनों इंजीनियरों ने पहले एमराल्ड कोर्ट का निरीक्षण किया और देखा कि टावरों में विस्फोटक लगाने से इन्हें कोई नुकसान तो नहीं होगा। इसके बाद टीम ने एटीएस सोसाइटी का मुआयना किया। फिर दोपहर में बाहर गए और करीब तीन बजे लौटकर प्रोजेक्ट मैनेजर के साथ काम शुरू कर दिया। ट्विन टावर गिराने की तकनीक साउथ अफ्रीका की रहेगी, लेकिन काम एडिफिस के अधिकारी कराएंगे। अब यह दोनाें इंजीनियर ट्विन टावर को ध्वस्त कराने के बाद ही जाएंगे। इसके अलावा जब-जब वरिष्ठ विशेषज्ञों की जरूरत होगी तो वे आते रहेंगे। 10 सदस्यीय टीम इस टावर को ध्वस्त करने का काम करेगी।
गुजरात से आई पॉकलेन मशीन
अधिकारियों ने बताया कि शनिवार को भी टावरों के अंदर की दीवारें तोड़ने का काम जारी रहा। अब दो इंजीनियर और आ गए हैं इसलिए तकनीकी काम भी शुरू होगा। मजदूरों की संख्या भी बढ़ाई जाएगी। गुजरात से पॉकलेन मशीन को लाकर काम शुरू कर दिया गया है। इससे बाहर पड़े मलबे को हटाकर किनारे किया जा रहा है।
सड़क कराई जाएगी बंद
अधिकारियों ने बताया कि राहगीरों को खतरे से बचाने के लिए सड़क बंद कराने की योजना है। जल्द ही ट्रैफिक पुलिस से बात कर सड़क बंद करा दी जाएगी। यातायात को डायवर्ट कर दिया जाएगा।
बिजली निगम को भी लिखा पत्र
ट्विन टावर के सामने सड़क किनारे बिजली की लाइन जा रही है। एडिफिस कंपनी का दावा है कि दोनों भवनों का मलबा बिल्डिंग के नीचे ही आगा, लेकिन एहतियात के तौर पर बिजली लाइन को विस्फोट के दिन बंद कराया जाएगा। इसके लिए कंपनी की ओर से पत्र लिखा जा चुका है।