टूंडला में ओवरब्रिज का गिरा वह हिस्सा संवाद
टूंडला। निर्माणाधीन रेलवे ओवरब्रिज पर स्लैब डाल रहे मजदूरों को ठेकेदार ने सुरक्षा किट नहीं दी थी। उनके द्वारा किट मांगे जाने पर उन्हें धमकाया गया था। इसका खुलासा रेलवे के खंड अभियंता/कार्य ने दर्ज कराई एफआईआर में किया है। हादसे में कार्यदायी संस्था, ठेकेदार व लेवर इंजार्ज के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस घटना की जांच में जुट गई है। पुलिस का कहना है कि जांच के उपरांत आरोपियों के विरुद्ध आगे की कार्रवाई की जाएगी।
रेलवे रेस्टकैंप से लाइनपार को जोड़ने वाले पूर्वी दिशा की ओर फाटक संख्या-71 पर बन रहे ओवरब्रिज का एक स्लैब शटरिंग सहित बृहस्पतिवार रात्रि ढह गया था। हादसे में पांच मजदूर दबकर गंभीर घायल हो गए थे। मजदूरों को उपचार के लिए अस्पतालों में भर्ती कराया गया था। घटना के बाद मौके से ठेकेदार एवं सुरक्षित बचे मजदूर भाग गए थे।
मामले में डीआरएम रजनीश अग्रवाल ने घायलों से मुलाकात करते हुए उन्हें तत्काल 50-50 हजार रुपये दिलाए थे। वहीं, चार गंभीर घायलों को दो-दो लाख रुपये अलग से दिए जाने की घोषणा की थी। साथ ही मामले जुडे जिम्मेदारों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराने के आदेश दिए थे।
खंड अभियंता/कार्य अलीगढ़ संतोष कुमार ने दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा है कि उन्होंने घायल मजदूरों से जानकारी ली तो उन्होंने बताया कि ठेकेदार द्वारा उन्हें सुरक्षा के लिए दी जाने वाली किट मुहैया नहीं कराई थी। किट मांगे जाने पर ठेकेदार उन्हें धमकाता था। खंड अभियंता ने कंपनी के मालिक मैसर्स प्रगति कंस्ट्रक्शन, कंस्लटेंटस नई दिल्ली निवासी अंकित गुप्ता, साइड इंचार्ज रिशु गुप्ता निवासी नई दिल्ली व लेबर इंचार्ज मुहीद निवासी सहारनपुर के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई है। थाना प्रभारी अंजीश कुमार सिंह का कहना है कि मामले में जांच की जा रही है। जांच के उपरांत आरोपियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।