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Noida News: तुलसी पीठाधीश्वर रामभद्राचार्य बोले, प्रभु राम ही हैं भारत के पथ प्रदर्शक

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विजेथुआ महोत्सव में कथा सुनाते स्वामी रामभद्राचार्य। - फोटो : विजेथुआ महोत्सव में कथा सुनाते स्वामी रामभद्राचार्य।
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सूरापुर। भारत का यदि कोई पथ प्रदर्शक हो सकता है तो वह केवल प्रभु राम हैं। रा माने राष्ट्र, म माने मंगल, राम राष्ट्र का मंगल करने वाले हैं। भारत राम के बताए रास्ते पर चलने वाला देश है। ये बातें तुलसी पीठाधीश्वर स्वामी रामभद्राचार्य ने कहीं। वे विजेथुआ महोत्सव के सातवें दिन बृहस्पतिवार को वाल्मीकि रामायण कथा सुना रहे थे।
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उन्होंने कहा भगवान निर्गुण नहीं हैं। उनके पास निरंतर गुण रहते हैं, जिनमें संपूर्ण सद्गुण छिपे रहते हैं। निर्गुण का अर्थ गुणहीन नहीं है। संस्कृत में गुण का अर्थ है रस्सी। जीव कुएं में बहुत गहराई में डूबा है। भगवान कहते हैं यदि तुम मेरे किसी गुण रूपी रस्सी को पकड़ लोगे तो बाहर आ जाओगे।
भगवान माया और गुणों से परे हैं। वह जीव को संसार सागर से निकाल कर अपने चरण में बुलाने के लिए गुण रूपी रस्सी का प्रयोग करते हैं। कथा में जगद्गुरु ने यह भी कहा कि हमने कभी रुपये के लिए कथा नहीं की। मेरा विरोध भले करो, लेकिन वैदिक मर्यादा का विरोध न करो।
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उन्होंने आगे बताया कि वैदिक संस्कृति को जानने के लिए संस्कृत को जानना ही होगा। उपदेशकों को विशेष रूप से इसका ध्यान रखना चाहिए। कथा से पूर्व आयोजक विवेक तिवारी ने सपत्नीक व्यास पीठ का पूजन किया।
तुलसी पीठ के उत्तराधिकारी रामचंद्र दास ने गुरु अर्चन किया। इस दौरान राज्य सूचना आयुक्त स्वतंत्र प्रकाश गुप्त, पूर्व मंत्री मोती सिंह, नाबार्ड के पूर्व सीजीएम एके सिंह, विधायक राजेश गौतम, टाउन एरिया के चेयरमैन आनंद जायसवाल, प्रमुख प्रतिनिधि डाॅ. श्रवण मिश्र, त्रिनेत्र पांडेय, ज्ञानेंद्र विक्रम सिंह रवि, डाॅ. रत्नेश तिवारी, डाॅ. सुरेंद्र प्रताप तिवारी आदि मौजूद रहे।
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