कालूसिद्ध मंदिर क्षेत्र में सिंचाई के ऑटिजन नलकूप बंद होने के कारण किसानों को जल संकट का सामना करना पड़ रहा है, जिससे उनकी फसलों पर खतरा मंडरा रहा है। नलकूप विभाग ने फिलहाल वैकल्पिक व्यवस्था का आश्वासन दिया है, लेकिन यह समाधान कब तक मिलेगा, इसको लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।
कालूवाला में करीब डेढ़ दशक पहले सिंचाई के लिए एक नलकूप लगाने के लिए 420 फीट खोदाई की गई थी। जिसमें करीब 390 फीट तक पाइप डाले गए थे। पाइप डालने के बाद नलकूप से करीब 1500 से 1800 लीटर पानी प्रति मिनट जमीन से खुद ही निकलना शुरू हो गया था।
कुछ समय बाद किसानों से सिंचाई शुरू कर दी थी लेकिन ऊंचाई वाली जमीनों में पानी चढ़ाने के लिए बाद में नलकूप में मोटर भी लगा दी गई थी। ऊंचाई वाली जमीनों में पानी चढ़ाने के लिए ही मोटर चलाई जाती है। पिछले करीब तीन माह से नलकूप में मोटर और बिना मोटर दोनों तरीके से पानी निकलना पूरी तरह बंद हो गया है।
नलकूप ठप होने से करीब एक हजार बीघा कृषि भूमि पर सिंचाई का संकट खड़ा हो गया है। कालूवाला प्रधान उमा शाही ने इस संबंध में जिला पंचायत अध्यक्ष सुखविंदर कौर से नया नलकूप लगाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि उनकी इस संबंध में नलकूप विभाग से बातचीत हुई है। वो नया नलकूप लगाने के लिए जिला योजना से पैसा देकर सहयोग करने को तैयार हैं।
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कालूवाला में करीब 17 वर्ष पुराना एक सिंचाई नलकूप है, जिसमें जमीन से ऑटिजन रूप से पानी आता था। लेकिन अब मोटर चलाने पर भी पानी नहीं आ रहा है। वैकल्पिक व्यवस्था के लिए नदी से पंपिंग सेट से किसानों को पानी उपलब्ध कराया जाएगा। वहीं नया नलकूप लगाने के लिए प्रस्ताव तैयार किया जाएगा। - प्रदीप कुमार, अधिशासी अभियंता नलकूप खंड