मुरादाबाद। अमर उजाला फाउंडेशन द्वारा आयोजित अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति परीक्षा-2025 का आयोजन जिले में 16 नवंबर को होगा। आईएफटीएम विश्वविद्यालय को परीक्षा केंद्र बनाया गया है। परीक्षा के प्रवेश-पत्र (एडमिट कार्ड) जारी कर दिए गए हैं। अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति की वेबसाइट पर जाकर परीक्षार्थी इन्हें डाउनलोड कर सकते हैं। परीक्षा को लेकर विद्यार्थियों में खासा उत्साह है। पूर्व में छात्रवृत्ति पा चुके मेधावियों का कहना है कि इस छात्रवृत्ति के माध्यम से आगे की पढ़ाई की चिंता दूर हो गई है। इस वर्ष परीक्षा के लिए पात्र पाए गए सभी विद्यार्थियों को प्रवेश-पत्र का लिंक उनके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर भेज दिया गया है। प्रवेश-पत्र में कोई भी दिक्कत हो तो घबराएं नहीं, अपने स्कूल का फोटो पहचान-पत्र या आधार कार्ड साथ लेकर आएं। विद्यार्थियों को परीक्षा केंद्र पर आधा घंटा पहले पहुंचना होगा।
ऐसे डाउनलोड करें प्रवेश-पत्र
लिंक https://www.amarujala.com/atul-maheshwari-chhatravritti-2025 पर जाकर आप अपना प्रवेश-पत्र डाउनलोड कर सकते हैं। लिंक पर क्लिक करने के बाद दिखने वाले पहले खाने में वही मोबाइल नंबर डालें, जो आपने फॉर्म भरते समय दिया था। इसके बाद अपने नाम का चयन कर प्रवेश-पत्र डाउनलोड करें। अगर आपको एसएमएस के जरिए भेजा जाने वाला एडमिट कार्ड डाउनलोड लिंक मोबाइल पर प्राप्त नहीं हुआ है या प्रवेश-पत्र डाउनलोड करने में किसी भी प्रकार की असुविधा हो रही है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। आप ई-मेल आईडी foundationamarujala.com पर संपर्क कर सकते हैं।
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छात्रवृत्ति के साथ मिली भविष्य के लिए मेहनत करने की प्रेरणा: अफ्फान
ठाकुरद्वारा के गांव राजूपुर कलां निवासी अफ्फान हसन कक्षा 11 में विकास शिक्षण संस्थान इंटर कॉलेज में पढ़ रहे हैं। उन्हें वर्ष 2024 की परीक्षा में सफल होने के बाद अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति के रूप में 50 हजार रुपये मिले। छात्र का कहना है कि इससे पढ़ाई में बहुत सहयोग हो रहा है। इस बार भी 16 नवंबर को परीक्षा देने जाएंगे। आईएएस अधिकारी बनने की चाहत रखने वाले अफ्फान के पिता अली हसन किसान हैं।
पढ़ाई के लिए परिजनों से नहीं मांगने पड़ते रुपये: अभिषेक
बिलारी के गांव धनियाखेड़ा निवासी अभिषेक कुमार को वर्ष 2024 की परीक्षा के बाद 75 हजार रुपये की छात्रवृत्ति मिली थी। अभिषेक ने बताया कि छात्रवृत्ति के रुपयों से ही उन्होंने बीए में दाखिला लिया है। उनका सपना इनकम टैक्स ऑफिसर बनने का है। पिता सुरजन सिंह किसान हैं। छात्र का कहना है कि अब कोचिंग के लिए परिजनों से रुपये मांगने नहीं पड़ते हैं।