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जान पर आफत, एंबुलेंस में लिटाकर देनी पड़ी ऑक्सीजन

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ग्रेटर नोएडा। जिले में बेड और अन्य संसाधनों की कमी से कोविड मरीजों की जान पर बन आई है। ऑक्सीजन का स्तर 80 के नीचे पहुंचे के बाद भी मरीजों को बेड नहीं मिल पा रहे हैं। मजबूरी में लोग अस्पतालों से निवेदन कर घर पर एडवांस लाइफ स्पोर्टिंग एंबुलेंस मंगाकर मरीज को ऑक्सीजन दे रहे हैं, ताकि जान बचाई जा सके। डेल्टा टू में रहने वाले सुनील गुप्ता को भी ससुर वेद प्रकाश गुप्ता की जान बचाने के ऐसा प्रयास करना पड़ा। हालांकि, इसके बाद भी उनकी जान नहीं बच पाई। परिजनों का कहना है कि यदि समय पर बेड मिल जाता तो जान बच सकती थी।
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सुनील गुप्ता ने बताया कि घर में दो लोगों में संक्रमण की पुष्टि हुई थी। दोनों को क्वारंटीन किया गया था। इसमें 85 वर्षीय ससुर भी शामिल थे। लगातार उनके ऑक्सीजन के स्तर की जांच कर रहे थे। दो दिनों तक अस्पताल में भर्ती कराने के लिए चक्कर काटते रहे। सरकारी अस्पताल भी गए, लेकिन बेड की कमी बताकर लौटा दिया गया। 18 अप्रैल की शाम के बाद से उनका ऑक्सीजन का स्तर लगातार गिरता गया। जिस अस्पताल में फोन करते, वहां पर बेड न होने की बात कही जा रही थी। मजबूरी में निवेदन के बाद एक एंबुलेंस मंगवाई, ताकि उसमें मरीज को लिटाकर ऑक्सीजन दी जा सके, लेकिन इसके बाद हम उनकी जान नहीं बचा पाए।
ऑक्सीजन केवल हवा नहीं, बल्कि दवा है
जिले के अस्पतालों में ऑक्सीजन की कमी महसूस होने लगी है। पारस चेस्ट इंस्टीट्यूट के एचओडी और सीनियर पल्मोनोलॉजिस्ट डॉ. अरुणेश कुमार ने बताया कि ऑक्सीजन केवल हवा नहीं बल्कि दवा भी होती है। इसका सही इस्तेमाल बहुत जरूरी है। अगर शरीर में ऑक्सीजन की मात्रा बढ़ जाए तो कार्बन डाई ऑक्साइड की भी मात्रा भी बढ़ जाती है। इससे दिल और दिमाग पर असर पड़ता है।
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अगर किसी को सांस लेने में दिक्कत हो रही है या फिर उसका ऑक्सीजन लेवल गिर रहा है तो बिना किसी डॉक्टर के सलाह के ऑक्सीजन नहीं देनी चाहिए। केवल डॉक्टर ही बता सकता है कि ऑक्सीजन लेवल गिरने की क्या वजह है। लोगों ने बिना सोचे ऑक्सीजन सिलिंडरों को खरीदकर रख लिया है। इससे बाजार में इसकी कमी आ गई है। वहीं, जरूरतमंद लोगों को यह नहीं मिल पा रही है। सरकार को ऐसा व्यवस्था करनी चाहिए कि बिना डॉक्टर के पर्चे के ऑक्सीजन कोई ना खरीद पाए।
जिले के अस्पतालों में करीब 2900 के बेड हैं। मरीजों की संख्या को देखते हुए बेड की संख्या बढ़ाई जा रही है। कई अस्पतालों में बेड बढ़ाएं भी गए हैं। स्वास्थ्य विभाग सभी मरीजों को बेहतर इलाज देने में जुटा हुआ है।
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- डॉ. दीपक ओहरी, सीएमओ
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