नूंह। केंद्र और प्रदेश सरकार भले ही विकास कार्यों में पारदर्शिता का दम भरते हैं, लेकिन जिले में कुछ अधिकारी सरकार की पारदर्शिता को वर्षों से चूना लगा रहे हैं। ऐसा ही एक करोड़ों के गबन का मामला महिला एवं बाल विकास विभाग में सामने आया है। बच्चों के आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के ईंधन, पोषण व विकास के लिए आए कुल 3 करोड़ 22 लाख 52 हजार 204 रुपये के गबन के मामले में तत्कालीन जिला कार्यक्रम अधिकारी सहित अन्य पर उपायुक्त धीरेंद्र की शिकायत पर नूंह सिटी थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। यह मामला 2013 से 2020 तक का बताया जा रहा है।
इस दौरान जिले में कई जिला कार्यक्रम अधिकारी रहे। उनके कार्यकाल के समय विभाग में यह करोड़ों का गबन किया गया। लेकिन इस मामले को बीते सितंबर 2020 को जिले तत्कालीन जिला कार्यक्रम अधिकारी नुपुर ने इस उठाया। उन्होंने मामले में कार्रवाई के लिएउच्चाधिकारियों को पत्र लिखा। लेकिन लंबे समय से यह मामला लंबित चल रहा रहा था। उनको इस मामले में डेढ़ करोड़ का ही संदेह था। लेकिन हाल में उपायुक्त धीरेंद्र ने सविता मलिक से कार्रवाई के लिए कहा है। इसके बाद इस मामले में सविता मलिक ने जांच कराई तो करोड़ों का घोटाला सामने आया।
इनके खिलाफ मुकदमा हुआ दर्ज
उपायुक्त की शिकायत पर डीपीओ कार्यालय के पूर्व डीपीओ ऑफिसर, पूर्व असिस्टेंट, कीर्ति, बबीता, पुष्पा पत्नी खेमचंद गांव बीरसीका खंड नूंह, सुमन निवासी गोपालगढ़, शारदा देवी, पूनम निवासी बाडोपल फतेहाबाद, सोनिया देवी, गीता निवासी हकीकत नगर करनाल, चंचल निवासी पुन्हाना, सीमा पिनगवां, अरसीदा निवासी बीसरू, साबरा बानो निवासी बीसरू, निरमा बीसरू, अमित निवासी जेवर जिला गौतमबद्धनगर, संजय छालिया, विरेंद्र सिंह निवासी नजफगढ़, कालूराम निवासी बाडोपल, रविंद्र कुमार हकीकत नगर करनाल व खेमचंद निवासी गांव बीरसका नूंह सहित कुल 21 लोगों पर मुकदमा दर्ज कराया है।
पहले 23 लाख के मामले को किया रफा दफा :
इस मामले में सभी आरोपियों पर भी बीते वर्ष 23 लाख रुपये की राशि के गबन मामले में मुकदमा दर्ज कराया गया। लेकिन आरोपियों ने अधिकारियों से मिलीभगत कर मुकदमा दर्ज होने के बाद भी शांत करा दिया। उपायुक्त धीरेंद्र ने कहा कि इस मामले में प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए भ्रष्टाचारियों पर शिकंजा कसा है। जिले में भ्रष्टाचार को बर्दाशत नहीं किया जाएगा।
जल्द गिरफ्तार किया जाएगा
इस बारे में नूंह सिटी थाना प्रभारी इंस्पेक्टर कृष्ण कुमार ने कहा कि जिला उपायुक्त की शिकायत पर डेढ़ दर्जनभर लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। जल्द ही मामले की जांच कर आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।