केंद्र सरकार द्वारा मुस्लिम महिलाओं को हक दिलाने के लिए तीन तलाक कानून बनाए जाने के एक महीने बाद तावडू में ऐसा पहला मामला दर्ज किया गया। विवाहिता के साथ मारपीट के दौरान तीन तलाक देकर घर से निकाले जाने के मामले में पुलिस ने ससुराल पक्ष के चार आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पीड़ित महिला वसीमा पुत्री जमील अहमद निवासी गांधी नगर तावडू ने बताया कि गत 22 अक्तूबर 2017 को मुस्लिम रिवाज के अनुसार उसकी शादी शाहरुख पुत्र असरु निवासी गांव व थाना पिनगवां जिला नूंह के साथ हुई थी। पीड़िता का आरोप है कि शादी के बाद से ही ससुराल वाले उसके रंग रूप को लेकर ताना कसते हुए मारपीट व गाली गलौच करने लगे।
कई बार उसके मायके वालों ने समझाया लेकिन वह अपनी हरकतों से बाज नहीं आए। पीड़िता का आरोप है कि गत 19 अगस्त को आरोपी पति शाहरुख, ससुर असरु, सास बातुनी व देवर वकील ने मिलकर बेरहमी से उसके साथ मारपीट की। इसके अगले दिन 20 अगस्त को आरोपियों ने उसे घर में रखने से मना कर दिया और पति शाहरुख ने उसे तीन बार तलाक बोलकर आजाद कर दिया।
मामले की सूचना मिलने पर पीड़िता की मां ससुराल पहुंची लेकिन आरोपियों ने अभद्रता व जान से मारने की धमकी देते हुए मां-बेटी को घर से निकाल दिया। पुलिस ने आरोपी पति शाहरुख, ससुर असरु, सास बातूनी व देवर वकील के खिलाफ प्रोटेक्शन ऑफ राइट ऑन मैरिज एक्ट 2019 सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।