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Noida News: मासूम ने निगल ली बैटरी, तीन घंटे की सर्जरी के बाद बची जान

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मासूम ने निगल ली बैटरी, तीन घंटे की सर्जरी के बाद बची जान
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-सेक्टर-110 स्थित निजी अस्पताल में आया ऐसा मामला, भोजन नली में फंस गई थी बैटरी

नोएडा। खिलौने, घड़ियां और रिमोट में चमकने वाली छोटी सी बटन बैटरी किसी मासूम के लिए काल बन सकती है, इसका खौफनाक उदाहरण सेक्टर-110 के एक निजी अस्पताल में देखने को मिला। जहां बटन बैटरी के निगलने से गंभीर हालत में लाए गए मासूम युवराज की सर्जरी कर उसकी जान बचाई गई।

10 महीने के मासूम युवराज ने खेलते-खेलते खिलौने में लगने वाली बटन बैटरी निगल ली। इसके बाद जो हुआ, उसने माता-पिता की रूह कंपा दी। मासूम युवराज को लगातार खांसी उठ रही थी और जैसे ही मां उसे दूध पिलाती, उसकी सांसें रुकने लगती थीं। वह तड़प रहा था और माता-पिता बेबस थे। जब उसे अस्पताल लाया गया, तो डॉक्टरों ने एंडोस्कोपी की। रिपोर्ट देखते ही डॉक्टर भी गंभीर हो गए, बटन बैटरी बच्चे की भोजन नली में फंसकर लगातार तेजाब (केमिकल) छोड़ रही थी।
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पीडियाट्रिक सर्जरी के वरिष्ठ सलाहकार डॉ. जय भारत पंवार ने बताया कि बटन बैटरी निगलना बच्चों के लिए सबसे जानलेवा स्थिति है। बैटरी के केमिकल ने युवराज की भोजन नली (इसोफेगस) और श्वास नली (ट्रेकिया) को बुरी तरह जलाकर आपस में चिपका दिया था। बच्चे की हालत बेहद नाजुक थी। ऑपरेशन थिएटर के बाहर रोते-बिलखते माता-पिता के बीच, डॉक्टरों ने करीब तीन घंटे तक जिंदगी और मौत की बेहद जटिल जंग लड़ी। बेहद सावधानी से जल चुकी भोजन नली को श्वास नली से अलग किया गया और समय रहते युवराज को मौत के मुंह से बाहर निकाल लिया गया। युवराज की जान तो बच गई, लेकिन यह घटना हर उस माता-पिता के लिए एक बड़ा सबक है, जो बच्चों के हाथों में छोटे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण अनजाने में छोड़ देते हैं।
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