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Noida News: खो में नहाते समय दो बालकों समेत तीन लोग डूबे

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बिजनौर में गंगा बैराज के तटबंध काम कर रहे ग्रामीणों से वार्ता करते जिला पंचायत अध्यक्ष चौधरी सा
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- लकड़ी बीनते समय नदी में नहाने पहुंच गए थे तीनों, स्थानीय गोताखोर तीनों की तलाश में जुटे
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संवाद न्यूज एजेंसी
शेरकोट (बिजनौर)। कस्बे के पास खो नदी में नहाने गए चीनू (12) पुत्र काले, रौनक (12) पुत्र पवन और छोटू (20) पुत्र चीनी खो नदी में डूब गए। पुलिस स्थानीय गोताखोरों की मदद से तीनों को तलाश करा रही है। घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
बुधवार की दोपहर नगर के मोहल्ला निकम्मा शाह निवासी कई बच्चे आंबेडकर धर्मशाला के सामने बह रही खो नदी के किनारे लकड़ी बीनने गए थे। लकड़ी बीनने के दौरान सभी नदी में नहाने लगे। इसी दौरान चीनू, रौनक और छोटू नदी के तेज बहाव के साथ बह गए। साथ में नहा रहे बच्चों ने तीनों को बहता देख शोर मचाया। जब तक ग्रामीण मौके पर पहुंचे तब तक तीनों आंखों से ओझल हो चुके थे। लोगों ने नदी में उतरकर तीनों की तलाश की लेकिन उनका कहीं पता नहीं लगा। सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस गोताखोरों की मदद से तीनों को तलाश करा रही है। एएसपी अमित किशोर श्रीवास्तव एवं अफजलगढ़ सीओ आलोक कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर मौजूद हैं।
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चीनू को बचाने गहरे पानी में चले गए रौनक और छोटू
बुधवार को खो नदी के किनारे लकड़ी बीन रहे बच्चों को गर्मी लगी तो वे नहाने के लिए नदी में उतर गए। इस समय खो नदी का जलस्तर बढ़ा हुआ है। नहाते समय चीनू आगे चला गया और धारा के साथ बहने लगा। उसे बचाने के लिए रौनक और छोटू भी गहरे पानी में चले गए।
स्थानीय लोगों ने बताया कि तीनों पानी के बहाव में संभल नहीं पाए और डूब गए। तीनों की पारिवारिक स्थिति बेहद दयनीय है। उनके परिजन मेहनत-मजदूरी कर परिवार का पालन पोषण करते हैं। चीनू दो भाइयों में बड़ा है। कस्बे के ही परिषदीय स्कूल में कक्षा चार में पढ़ता है। उसके पिता मजदूरी करते हैं। रौनक अपने पांच भाइयों में सबसे छोटा है। वह कक्षा पांच का छात्र है। उसके पिता भी मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। युवक छोटू के पिता की मृत्यु हो चुकी है। वह अपने साथ भाइयों में चौथे नंबर का है। घटना के बाद तीनों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस और गोताखोरों के अलावा कस्बेवासियों की मौके पर भारी भीड़ जुटी हुई है। हर कोई तीनों के सकुशल मिलने की प्रार्थना कर रहा है।
खो नदी में डूबे युवक व दो बालकों का स्थानीय गोताखोर पता नहीं लगा पाए। उनकी तलाश को एनडीआरएफ और फ्लड पीएसी को बुलाया गया है।
एएसपी अमित किशोर श्रीवास्तव ने बताया कि गोताखोरों ने कई घंटे तक नदी में बालकों व युवक का पता लगाने की कोशिश की लेकिन सफलता नहीं मिली। उन्होंने बताया कि जिला मुख्यालय से टीम को बुलाया जा रहा है। टीम के पहुंचने के बाद रात्रि में भी नदी में डूबे बालकों को तलाश करने का प्रयास किया जाएगा। नदी का जलस्तर कम करने के लिए खो बैराज के फाटकों को उठा दिया गया है।
कस्बे से सटा है नदी का किनारा पुलिस अधिकारियों का कहना है कि खो बैराज पर पुलिस कर्मियों की ड्यूटी लगती है। जो भी बैराज पर नहाने का प्रयास करता है, पुलिस उसे वहां से वापस भेज देती है। जिस स्थान पर घटना हुई है, वह नदी का खुला किनारा है। कस्बे से सटा होने के कारण यहां लोग नहाते रहते हैं।
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मई महीने में सिराज की डूब कर हो गई थी मौत
स्थानीय लोगों ने बताया कि मई माह में भी एक युवक खो नदी में डूब गया था। शेरकोट के मोहल्ला इमामबाड़ा निवासी 16 वर्षीय युवक सिराज की डूबने से मौत हो गई थी। घटना स्थल से काफी दूर उसका शव बरामद हुआ था।

बिजनौर में गंगा बैराज के तटबंध काम कर रहे ग्रामीणों से वार्ता करते जिला पंचायत अध्यक्ष चौधरी सा

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