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Noida News: बाढ़ से राहत, अब संक्रमण का सैलाब

Thu, 11 Sep 2025 12:28 AM IST
नोएडा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, नोएडा
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रामपुर मथुरा क्षेत्र में बाढ़ का पानी निकलने के बाद क्षतिग्रस्त रास्ते।
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सीतापुर। बाढ़ से राहत के बाद भी लोगों की समस्याएं कम नहीं हो रही हैं। पानी कम होने से कीचड़ व गंदगी के कारण संक्रामक रोगों ने पांव पसारने शुरू कर दिए हैं। बाढ़ प्रभावित गांवों में सैकड़ों लोग बीमार हैं। इनमें बच्चों की संख्या अधिक है। उल्टी-दस्त व बुखार जैसी शिकायतें आम हैं। रास्तों के क्षतिग्रस्त होने से आवागमन भी किसी चुनौती से कम नहीं है।
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रामपुर मथुरा के अंगरौरा में लगे मीटर गेज पर सरयू नदी का जलस्तर बुधवार को 118 मीटर दर्ज किया गया। जलस्तर स्थिर रहने से तटवर्ती गांवों में भरा बाढ़ का पानी निकल गया है। पानी का बहाव नदी की सतह से करीब दो फीट नीचे है। हालांकि बाढ़ का खतरा अभी टला नहीं है। रास्तों पर कीचड़ और निचले स्थानों पर जलभराव से जनजीवन सामान्य नहीं हो पाया है।
रमेश ने बताया कि रामरूपपुरवा कटान में खत्म हो गया। अब झोपड़ी में रहते हैं। यहां पहुंचने के लिए नाव से दो नाले पार करने पड़ते हैं। रास्ते में कुछ जगहों पर जलभराव व कीचड़ ज्यादा है। इससे परेशानी होती है। कुंवारे ने बताया कि जलभराव और कीचड़ से संक्रामक बीमारी पनप रही है। जाड़ा लगकर लोगों को बुखार आ रहा है। वह कई दिन तक ठीक नहीं हो रहा है। हालांकि, दवाएं मिली हैं। अंगरौरा तटबंध पर शरण लिए भजनी ने बताया कि बच्चे बीमार होने पर ज्यादा परेशान हो जाते हैं। मंगम ने बताया कि उल्टी-दस्त व बुखार की समस्या ज्यादा है। प्यारेपुरवा के पास शरण लिए रामू ने बताया कि पानी में बह कर आए मृत जलीय जीव-जंतुओं के सड़ने की बदबू बहुत आती है। इनसे बीमारी के फैलने का भी खतरा रहता है। इस पर कोई नियंत्रण हो जाए तो रहना आसान हो जाएगा। रामपुर मथुरा बीडीओ प्रतिभा जायसवाल ने बताया कि जर्जर रास्तों की मरम्मत कराई जाएगी। जिनके पक्के आवास कटे हैं या कुछ लोगों के घर कटने के बाद बनाए गए कच्चे घर जल गए थे, सर्वे होने के बाद उन्हें मुख्यमंत्री आवास योजना से लाभान्वित किए जाने के प्रस्ताव भेजे जाएंगे।
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ईंधन की समस्या से नहीं बन पाया भोजन
मीणा कुमारी ने बताया कि बाढ़ ग्रस्त गांवों में सूखी लकड़ी नहीं मिल रही है। गैस सिलिंडर लेने के लिए भी रामपुर मथुरा जाना पड़ता है। इसके लिए बंगाली घाट व बांकेघाट नाव से पार करना पड़ता है। अचानक सिलिंडर खत्म हो जाए तो यहां आसानी से कुछ भी उपलब्ध नहीं हो पाता। पूनम ने बताया कि एक सिलिंडर बाढ़ के दौरान आया था जो खोलने पर लीक कर रहा था, दूसरा आसानी से मिलना मुश्किल था। ऐसे में अगले दिन ही खाना मिल सका।


लखनीपुर के पास चल रहा बाढ़ से निपटने का काम
बेहटा ब्लॉक में लखनीपुर के पास शारदा नदी की कटान रोकने के लिए सिंचाई विभाग जिओ बैग डाल रहा है। बम्बू क्रेट भी किनारों पर लगाए जा रहे हैं। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता विशाल पोरवाल ने बताया कि बाढ़ से निपटने का कार्य तेजी से किया जा रहा है। कटान रोकने का हर संभव प्रयास किया जा रहा है।


बाढ़ पीड़ितों का जांची सेहत, दीं दवाएं
लहरपुर क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित कुसेपा प्राथमिक विद्यालय में बुधवार को विशेष स्वास्थ्य शिविर लगाया गया। इसमें केश डॉ. राकेश कुमार, फार्मासिस्ट विजय कुमार, पीयूष कुमार, उमेश यादव आदि की टीम ने 114 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। बीमार पाए जाने पर उन्हें दवाइयां दी। डॉ. राकेश कुमार ने बताया कि अधिकांश मरीज वायरल फीवर, सर्दी-जुकाम, त्वचा रोग से पीड़ित थे, जिनका उपचार किया गया है। इस दौरान बाढ़ के बाद फैलने वाली संक्रामक बीमारियों से बचाव के लिए ग्रामीणों को जागरूक भी किया गया। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीम बाढ़ प्रभावित गांवों में लगातार ऐसे शिविरों का आयोजन कर रही है।

स्वास्थ्य विभाग को कैंप लगाने के दिए निर्देश
बाढ़ समाप्त होने के बाद अब कटान भी बंद हो गया है। बाढ़ प्रभावित इलाके पर लगातार नजर रखी जा रही है। फॉगिंग कराने और कैंप लगाकर लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण करते हुए दवाएं देने के निर्देश स्वास्थ्य विभाग को दिए गए हैं। - अनिल कुमार, तहसीलदार महमूदाबाद
रामपुर मथुरा की 36 ग्राम पंचायतों में नहीं हैं सफाईकर्मी

सीतापुर। रामपुर मथुरा ब्लॉक में 79 ग्राम पंचायतें और 105 राजस्व गांव हैं। यह ब्लॉक बाढ़ से प्रभावित रहता है। यहां गांवों में बाढ़ आने के बाद जब पानी उतर जाता है, उसके बाद गांव में फैली गंदगी की सफाई के लिए पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। 36 राजस्व गांवों में सफाई कर्मियों की तैनाती ही नहीं है। इससे ग्रामीणों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
पंचायत राज विभाग की ओर से जिले के सभी राजस्व गांवों में सफाईकर्मियों की नियुक्ति की गई थी। इसके बाद विभाग की मिलीभगत से गांजरी क्षेत्र के दूरस्थ राजस्व गांवों में तैनात सफाईकर्मियों ने अपने मनचाहे ब्लॉक के राजस्व गांवों में तैनाती करा ली है। ब्लॉक के एडीओ पंचायत की और से हर माह वेतन निकालने के लिए जिला पंचायत राज अधिकारी को पे रोल भेजा जाता है। जुलाई माह के पे रोल में भी 105 राजस्व गांवों के सापेक्ष 36 राजस्व गांवों में सफाईकर्मी न होने की सूचना भेजी गई है। बाढ़ प्रभावित रेउसा ब्लॉक में भी कई राजस्व गांवों में सफाईकर्मी नहीं हैं।

रामपुर मथुरा क्षेत्र में बाढ़ का पानी निकलने के बाद क्षतिग्रस्त रास्ते।

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