लगातार घटनाओं के मद्देनजर की कार्रवाई
डीसीपी रामबदन सिंह ने बताया कि पीजी और मकानों से लैपटॉप और मोबाइल चोरी होने की शिकायतें लगातार मिल रही थीं। इसको देखते हुए एसीपी प्रथम प्रवीण कुमार सिंह की अगुवाई में एक टीम गठित की गई थी। बदमाशों की पहचान के लिए टीमें उन स्थानों की सीसीटीवी फुटेज चेक कर रही थीं जहां पर हाल के दिनों में चोरी की वारदात हुई थी। शुक्रवार को गिरोह का सरगना अपने साथियों के साथ वारदात करने के सिलसिले में नोएडा दाखिल हुआ तभी मुखबिर से मिली सूचना पर तीन बदमाशों को दबोच लिया गया।
दबोचे गए आरोपियों की पहचान और बरामद हुआ सामान
बदमाशों की पहचान हमीरपुर के जरिया के सिद्ध गोपाल, पश्चिम बंगाल के मेंदनीपुर के तपन मांझी और सपन मांझी के रूप में हुई। सपन मांझी गिरोह का सरगना है और तपन उसका भरोसेमंद साथी है। बदमाशों की निशानदेही पर पुलिस ने तीन एटीएम कार्ड, एक डीएल, दो आधार और पैन कार्ड, एक इंडियन पोस्ट पेमेंट बैंक की पासबुक, एक मेट्रो कार्ड, एक ई-श्रम कार्ड, दो बैंक की पासबुक और एक चेकबुक भी बरामद की है। सपन मांझी के खिलाफ नोएडा और दिल्ली के अलग-अलग थानों में 34 केस दर्ज हैं। अन्य थानों से भी गिरोह के बदमाशों का आपराधिक इतिहास पता किया जा रहा है।
90 सीसीटीवी खंगाले
चोरी की जानकारी मिलने पर थाना सेक्टर-126 पुलिस ने टीम गठित की। सर्विलांस टीम सक्रिय हुई। इसके बाद चोरी की घटना वाले स्थान से लेकिन संभावित स्थानों तक करीब 90 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज चेक की गई। इस दौरान तीनों बदमाशों की पहचान हुई। जिसके बाद मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया। वहां से जानकारी मिलते ही पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार किया।
ऐसे करते थे चोरी
दिन और रात के समय गिरोह के बदमाश शहर के विभिन्न क्षेत्र में घूमते थे। उन मकानों को चिन्हित करते थे जहां लोग गर्मी के समय या तो छत पर सोते थे या फिर दरवाजा खोलकर सोते थे। अक्सर पीजी और हॉस्टल इनके निशाने पर होते थे। इसके बाद रात 12 से सुबह 6 बजे तक जब लोग सोने के लिए छत पर जाते थे। उस समय ये लोग चोरी की घटना को अंजाम देते थे।