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दिल्ली व हरियाणा के ध्यानार्थ : डिजिटल अरेस्ट कर महिला वकील से 3.29 करोड़ की ठगी में तीन जालसाज गिरफ्तार

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डिजिटल अरेस्ट कर महिला वकील से 3.29 करोड़ की ठगी में तीन जालसाज गिरफ्तार
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आरोपियों के खाते में रकम हुई थी ट्रांसफर, 15 से 25 प्रतिशत कमीशन पर उपलब्ध कराए थे खाते

माई सिटी रिपोर्टर

नोएडा। नौ दिनों तक डिजिटल अरेस्ट कर महिला वकील से 3.29 करोड़ से अधिक की ठगी में शामिल तीन जालसाजों को साइबर क्राइम थाने की पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इन आरोपियों के खाते में ठगी के 71 लाख रुपये आए थे।
जालसाजों ने 15 से 25 फीसदी कमीशन पर सरगना को खाते उपलब्ध कराए थे। वहीं पुलिस की टीम ने ठगी के 17 लाख रुपये फ्रीज करा दिए हैं। पुलिस अन्य आरोपियों व सरगना की तलाश कर रही है। एडीसीपी साइबर मनीषा सिंह ने बताया कि साइबर थाने की पुलिस ने शुक्रवार को 3.29 करोड़ की साइबर ठगी के मामले में तीन जालसाजों को गिरफ्तार किया है। इन आरोपियों के दो बैंक खाते दिल्ली, करावल नगर व लक्ष्मी नगर के मिले थे। इसके बाद जांच बढ़ाई गई और पुलिस ने दो खाता धारकों को दिल्ली और इन खातों को ऑपरेट करने वाले एक आरोपी को शुक्रवार रात नोएडा से पकड़ लिया। इनकी पहचान दिल्ली, लक्ष्मी नगर निवासी दुपिंदर सिंह उर्फ गिन्नी, करावल नगर निवासी विनय समानिया व हरियाणा भिवानी निवासी मंदीप के रूप में हुई है, तीनों स्नातक हैं। पूछताछ में दुपिंदर सिंह उर्फ गिन्नी ने बताया कि उसने अपने बैंक खाते को विनय को दिया था। 3.29 करोड़ की ठगी में से 93 लाख रुपये इसके खाते में ट्रांसफर हुए थे। उसको इसमें 15 प्रतिशत कमीशन मिला था जबकि विनय समानिया ने दुपिंदर का बैंक खाता 25 प्रतिशत कमीशन पर ठगों को दिया था। मंदीप सिंह ने अपने बैंक खाते को 50 हजार रुपये में दिया था। इसमें ठगी में से 71 लाख रुपये ट्रांसफर हुए थे।
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ये है पूरा मामला

सेक्टर-47 में रहने वाली 72 वर्षीया महिला उच्च न्यायालय में अधिवक्ता रही हैं। दस जून को महिला के लैंडलाइन नंबर पर एक कॉल आई। कॉलर ने महिला से कहा कि उसके आधार कार्ड और बैंक खाते का इस्तेमाल हथियारों की अवैध तस्करी, ब्लैकमेलिंग और जुए में इस्तेमाल हो रहा है। इसके बाद उन्हें डराकर जालसाजों ने नौ दिन तक डिजिटल अरेस्ट किया। महिला ने जालसाजों के बताए गए खाते में 3.29 करोड़ रुपये ट्रांसफर कर दिए। पूछताछ में मंदीप ने बताया कि वह हरियाणा में सीएचसी सेंटर चलाता है। वह इंस्टाग्राम के माध्यम से एक टेलीग्राम ग्रुप से जुड़ा। इसके बाद साइबर ठगों के संपर्क में आया।
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